तरबगंज। परास पट्टी पुरवार में दशकों पहले आई बाढ़ में विस्थापित परिवार की करोड़ों रुपये कीमत की 13 एकड़ जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। फर्जी वसीयत के जरिए की गई इस धोखाधड़ी की शिकायत एसपी विनीत जायसवाल से की गई। इसके बाद चार महिलाओं समेत छह लोगों के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
गांव निवासी रामानंद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 1980 में आई बाढ़ के दौरान उनका परिवार मनकापुर के बक्सरा अज्ञाराम पुरवा में बस गया था। वहीं पर घर बनवाया और कृषि भूमि खरीदकर गुजर-बसर करने लगे। परास पट्टी पुरवार में उनके बाबा मूरत के नाम से तीन गाटे की करीब 64 बीघा भूमि खतौनी में दर्ज थी। जिसकी मौजूदा समय में कीमत पांच लाख रुपये बीघा है। अप्रैल 1998 में बाबा मूरत की मौत हो गई व मौत के तीन साल बाद सितंबर 2001 में गांव के ही बृजलाल व मस्तराम ने किसी दूसरे व्यक्ति का फोटो लगाकर फर्जी वसीयत तैयार कर डाली।
आरोप है कि फर्जी वसीयत के आधार पर खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया व बाद में गांव की ही रहने वाली मंजू देवी, गुंजन देवी, अंजना सिंह व निशा देवी के नाम जमीन का बैनामा कर दिया। कोतवाल केके त्रिपाठी ने बताया कि एसपी के आदेश पर बृजलाल, मस्तराम, मंजू देवी, गुंजन देवी, अंजना सिंह व निशा देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, जांच कराई जा रही है। (संवाद)