गोंडा। अयोध्या-गोंडा फोरलेन और पूर्वी रिंग रोड के बाद अब पश्चिमी रिंग रोड परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। करीब 20.57 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी सड़क के लिए सदर तहसील के 24 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परियोजना के तहत 775 गाटों की लगभग 107 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। करीब 16.46 अरब रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा।
शासन ने पिछले वर्ष नवंबर में परियोजना को स्वीकृति देने के बाद शुरुआती चरण में 3.70 करोड़ रुपये जारी किए थे। अब भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। पश्चिमी रिंग रोड अयोध्या रोड पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहा घाट के रास्ते लखनऊ रोड पर हारीपुर स्थित आईटीसी के निकट पहुंचेगी। इसके बाद यह बहराइच मार्ग पर रुद्रपुर विसेन होते हुए दत्तनगर के पास बलरामपुर रोड से जुड़ेगी। यह मार्ग इंदिरापुर, भदुआ तरहर, दुल्लापुर खालसा, सिंधाव, पंडरीशंकर, रुद्रपुर विसेन, केशवपुर पहड़वा, झंझरी, उम्मेदजोत, दत्तनगर विसेन, कटहा माफी, हारीपुर सहित 24 गांवों से होकर गुजरेगा।
परियोजना के तहत तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाए जाएंगे। इनके पूरा होने पर अयोध्या, लखनऊ, बहराइच और बलरामपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लखनऊ के अधिशासी अभियंता राजकुमार पिथौरिया ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कराई जा रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।