हलधरमऊ/पसका। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। आयुष चिकित्सकों व लैब टेक्नीशियन के सहारे जन आरोग्य मेला संपन्न कराया जा रहा है। हालत ये है कि लगातार दवा लेने के बाद भी मरीजों को आराम नहीं मिलता। ऐसे में मरीजों को विशेषज्ञों की कमी खल रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलधरमऊ व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरांव में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आयुष चिकित्सक डॉ. अरकान खान मरीजों का उपचार कर रहे थे। फार्मासिस्ट की मौजूदगी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अब तक आठ मरीजों का उपचार कर दवा दी गई है। यहां ओपीडी पर्चे के बिना मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही थी। मरीजों को विटामिन समेत कई महत्वपूर्ण दवाइयों की कमी बताई गईं।
एलटी नागेंद्र कुमार दवा वितरण कर रहे थे। अस्पताल में रक्तचाप जांच की मशीन नहीं थी। बिना बिजली, पानी के आयुष चिकित्सक और एलटी के भरोसे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को संपन्न कराने का प्रयास किया गया। सेमरा से उपचार के लिए आई सबीना ने बताया कि उन्हें स्किन की समस्या है। करीब डेढ़ माह से दवा ले जा रही हैं। आराम नहीं मिल पा रहा है।
फातिमा ने बताया कि चक्कर आता है, शरीर में दर्द है। रक्तचाप बढ़ने की आशंका है, जांच नहीं हो पाई है। सेल्हरा की मंजू देवी ने बताया कि दांत में कई महीनें से दर्द हो रहा है, दवा ले जाते हैं, आराम नहीं मिल रहा है। विशेषज्ञ कभी नहीं मिले हैं। बरांव की उषा देवी का कहना है कि अस्पताल में महिलाओं की जांच और उपचार व दवा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है।
उधर, सीएचसी परसपुर के अंतर्गत संचालित पीएचसी त्योरासी पर रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में आरबीएसके की आयुष चिकित्सक डॉ. शानू सिंह ने मरीजों का उपचार किया। उन्होंने बताया कि रविवार को दोपहर एक बजकर 50 मिनट तक लगभग 50 मरीजों का उपचार किया गया। ज्यादातर मरीज मौसमी बुखार व सर्दी जुकाम से पीड़ित थे।
ज्ञानपुर निवासी विशाल ने बताया कि पेटदर्द व संतोष कुमारी कमजोरी की दवा लेने आई थीं। मटहिया निवासी सुखराजी ने बताया कि गैस की दवा कराने आई हैं। फार्मासिस्ट आलम शेर खान ने दवा का वितरण किया। जन आरोग्य मेले में धर्मेंद्र शुक्ल, राकेश सिंह, पीके मौजूद रहे।