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रिश्वतखोरी के मामले में कोतवाल व मुख्य आरक्षी निलम्बित

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गोंडा। पेड़ कटान के मामले में रिश्वतखोरी के आरोप में पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पांडेय ने करनैलगंज के कोतवाल राजनाथ सिंह और मुख्य आरक्षी शौकत अली को निलंबित कर दिया। बीते 30 सितंबर को एक ठेकेदार से फोन पर मुख्य आरक्षी शौकत अली रुपये की मांग कर रहा था, वह यह भी कह रहा था कि पांच हजार से बडे़ साहब खुश नहीं हैं वह नाराज हो रहे थे। उसकी मंशा थी और रुपये मिलने चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार से जांच कराई। एएसपी ने आरोपों की पुष्टि कर कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद एसपी ने कोतवाल व मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया है। उन्होंने दोनों की जांच भी शुरू करा दी है।
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करनैलगंज थाना क्षेत्र में पेड़ कटान के मामले में पुलिस को कम हिस्सा मिलने पर मुख्य आरक्षी शौकत अली की ओर से एक कथित ठेकेदार से बातचीत की जा रही थी। जिसमें वह बार-बार आकर मिलने और पहले वाला पैसा कम होने से बड़े साहब यानि कोतवाल के नाराज होने की बात पर जोर देकर कही जा रही थी। बताया जा रहा है कि मुख्य आरक्षी यह भी कह रहा था कि साहब को मनाने के लिए उसे बहुत चिरौरी करनी पड़ी।
यह ऑडियो सीधे पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा और उन्होंने गोपनीय ढंग से जांच शुरू करा दी। यही नहीं उन्होंने बीते दिनों खुद भी करनैलगंज कोतवाली पहुंच कर पड़ताल की। थाने की स्थिति को परखा लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी को इस बात की भनक नही लगी कि पुलिस अधीक्षक सभी के रवैये की पड़ताल कर रहे हैं। वहीं उसे उन्हें लग गया था कि कोतवाली में सब कुछ ठीक नही है। अपर पुलिस अधीक्षक ने ऑडियो की गहराई से जांच की और कोतवाल राजनाथ सिंह की भूमिका पर सवाल खड़े किए। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और कोतवाल के साथ ही मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया।
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पहले भी एएसपी ने की थी संस्तुति, एसपी कार्यालय में दब गई थी फाइल
अपर पुलिस अधीक्ष महेंद्र कुमार ने करनैलगंज कोतवाल राजनाथ सिंह के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पहले भी संस्तुति भेजी थी। थाना क्षेत्र के गोनवा सुबेदार पुरवा में गरीब परिवार की पिटाई की गई थी, जिसमें युवक का सिर फट गया था। कोतवाल राजनाथ सिंह ने उस मामले का मुकदमा ही नहीं लिखा था। एएसपी ने जांच करके कोतवाल को जिम्मेदार ठहराया था और कार्रवाई के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर को रिपोर्ट भी भेजी थी। कोतवाल अपने प्रभाव के कारण उस समय बच गए थे और कार्रवाई की फाइल एसपी कार्यालय में ही दब गई थी।
कई और पुलिस कर्मियों के जांच की लटकी है फाइलें
जिले में कई मामलों की जांच तो शुरू हुई थी, लेकिन फाइलें सीओ कार्यालय से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक लटकी हुई है। शहर के एक चौकी प्रभारी को दो बार हटाया गया और गंभीर आरोप भी लगे थे। इसी तरह एक परिवार के लोगों को बेवजह मारने पीटने के आरोप की भी जांच हुई थी, इसी तरह एक दर्जन से अधिक मामलों के जांच में कोई कार्रवाई ही नही हुई। वहीं एक थानाध्यक्ष पर महिला से बदसलूकी का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कुछ और पर भी कार्रवाई होगी।
करनैलगंज के कोतवाल व मुख्य आरक्षी के विरुद्ध अपर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की संस्तुति की थी। उसके आधार पर दोनों को निलंबित किया गया है और जांच कराई जा रही है। -शैलेष कुमार पांडे, पुलिस अधीक्षक
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