लखनऊ में अवध बारादरी के चुनाव में सदस्यों के साथ केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह व
गोंडा। लखनऊ में सोमवार को हुए अवध बारादरी के प्रतिष्ठित चुनाव में केंद्रीय राज्यमंत्री और गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने जीत हासिल की है। इस चुनाव में मनकापुर और बलरामपुर के राजपरिवार आमने-सामने थे। कीर्तिवर्धन सिंह ने बलरामपुर राजपरिवार के जयेंद्र प्रताप सिंह को 130 मत के बड़े अंतर से शिकस्त देकर अध्यक्ष पद हासिल किया है।
लखनऊ के कैसरबाग स्थित ऐतिहासिक सफेद बारादरी में सोमवार सुबह नौ बजे से संस्था के अध्यक्ष पद के लिए मतदान शुरू हुआ। शाम पांच बजे के बाद घोषित नतीजे में कीर्तिवर्धन सिंह को 183 और बलरामपुर राजपरिवार के जयेंद्र प्रताप सिंह को 53 वोट मिले। अंजुमन-ए-हिंद, अवध परिवार (पुराना नाम ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन) के मतदाताओं में से 322 पूर्व राजपरिवार और तालुकेदार शामिल हैं। अवध बारादरी के वोटरों में योगी सरकार के मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और राज्यसभा सदस्य संजय सेठ भी शामिल हैं।
28 वर्ष तक अध्यक्ष रहे थे राजा आनंद सिंह
कीर्तिवर्धन सिंह के पिता व मनकापुर राजपरिवार के मुखिया राजा आनंद सिंह 28 वर्ष तक इस संस्था के अध्यक्ष रहे थे। छह जुलाई को आनंद सिंह के निधन के बाद से अध्यक्ष का पद रिक्त था। अध्यक्ष पद पर निर्वाचन के लिए पहले आम सहमति की बात उठी, लेकिन निर्विरोध रूप से किसी के नाम पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कीर्तिवर्धन सिंह ने नामांकन दाखिल किया था।
एक नजर संस्था पर
165 साल पुरानी इस संस्था को अंजुमन-ए-हिंद के नाम से भी जाना जाता है। 1860 में स्थापना के समय इसका नाम ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन था। इसमें अवध के 14 जिलों के महाराजा और तालुकेदार शामिल हैं। यह संस्था लखनऊ के प्रतिष्ठित कॉल्विन तालुकेदार कॉलेज की प्रबंध समिति भी तय करती है।