जांबिया की राजधानी लुकासा में आयोजित कार्यक्रम में बोलते विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह
गोंडा। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने जांबिया की राजधानी लुसाका में अपनी अलग छाप छोड़कर गोंडा के साथ-साथ अवध क्षेत्र के लोगों का दिल जीतने की कोशिश की है। जिलेभर में शनिवार को उनकी चर्चा होती रही। गोंडा के वजीरगंज विकासखंड अंतर्गत डुमरियाडीह की रहने वाली महिला से लुसाका में सामना हुआ तो जिस तरह उन्होंने ठेठ अवधी देसज बोली में ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक होने पर पायलागी (चरण स्पर्श) से अभिवादन किया, वह लोगों के दिल को छू गया।
दरअसल, विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह जांबिया की राजधानी लुसाका में भारतीय उच्चायोग के कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल हुए थे। वहां उनका भव्य स्वागत हुआ। यह दौरा भारत और जांबिया के संबंधों को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जांबिया के पास पारंपरिक अतीत की एक साझा विरासत है और इसके इर्द-गिर्द भारत के संबंध तथा सहयोग और आपसी सम्मान के मूल्य हैं। पिछले छह वर्षों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं, हालांकि लोगों के बीच संबंध बहुत पुराने हैं।
जांबिया की राजधानी में एक कम्युनिटी रिसेप्शन में विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने जब मौजूद लोगों से पूछा कि क्या कोई भारत का भी है। तभी एक व्यक्ति ने जवाब दिया मैं लखनऊ से हूं। विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि अच्छा, धन्यवाद दिया। फिर कहा कि गोंडा या उसके आसपास से कोई है क्या। तब एक महिला ने कहा कि मैं गोंडा से हूं। राज्यमंत्री ने कहा कि गोंडा में कहां से, तो महिला ने अपना परिचय एक ब्राह्मण परिवार से देते हुए पता डुमरियाडीह बताया। बोली छह साल से वह इसी देश में रह रही हैं।
यह सुनते ही विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का चेहरा खिल गया। उन्होंने कहा- डुमरियाडीह तो मनकापुर के बगल का इलाका है और हमारे ही निर्वाचन क्षेत्र में है। महिला में भी अपने घर के नेता को विदेश की धरती पर पास देखकर अपनापन दिखा। अवधी में बोलकर कहा कि आईथै, जाईथै। फिर कहा- जय श्रीराम और अंत में रामधुन के बोल गुनगुनाने लगी।
राज्यमंत्री ने पायलागी कहा तो जवाब में महिला भी बोली पायलागी। इस पर कीर्तिवर्धन ने कहा कि आप नहीं, हम ही आपके पायलागी करते हैं। फिर महिला समझ गई कि संस्कार और संस्कृति की बात है। पूरा वीडियो राज्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किया तो लोग गदगद दिखे। गोंडा की सभ्यता और संस्कृति की मिसाल पेश करने के साथ ही विदेश में अपने जिले के परिवार के साथ राज्यमंत्री का अपनापन लोगों को खूब रास आया।