खरगूपुर थाने में अभिलेखों की जांच करते आईजी अमित पाठक। स्रोत: विभाग
गोंडा। नाबालिग के अपहरण और आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं करने पर आईजी अमित पाठक ने खरगूपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने के एसपी को निर्देश दिए हैं। इसी मामले में पर्यवेक्षण स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करते हुए एएसपी (पूर्वी) और सीओ सिटी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
रेंज कार्यालय में गत दिवस एक महिला ने उपस्थित होकर प्रार्थनापत्र दिया था। उसने बताया कि नाबालिग पुत्री को आरोपी विनय बहलाकर ले गया था। इस संबंध में थाना खरगूपुर में वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने किशोरी को खोजकर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया था।
आरोपी ने जमानत पर छूटने के बाद पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो वायरल कर दिए थे। पीड़िता की मां ने आईजी से इसकी शिकायत की थी। इस पर आईजी ने तत्काल नया अभियोग दर्ज करने, आरोपी की जमानत निरस्त कराने और उसे दोबारा गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद काफी समय बीतने के बाद भी थाना स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
16 मार्च को पीड़िता फिर रेंज कार्यालय पहुंची और आईजी को बताया कि 77 दिन बीतने के बाद भी आरोपी की न तो गिरफ्तारी हुई और न ही जमानत निरस्तीकरण कराने की कार्रवाई की गई, जिससे उसका मनोबल बढ़ता जा रहा है।
आईजी ने स्वयं की थी जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी अमित पाठक ने 16 मार्च को थाना खरगूपुर पहुंचकर प्रकरण की समीक्षा की थी। जांच में पाया गया कि रेंज कार्यालय से जारी निर्देशों के बावजूद न तो समय से विवेचनात्मक कार्रवाई की गई, न ही जमानत निरस्त कराने का प्रयास किया गया और न ही टीम भेजकर गिरफ्तारी की गई। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस पर आईजी ने खरगूपुर के प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के एसपी को निर्देश दिए हैं और विभागीय कार्रवाई शुरू करने को कहा है। मामले में एएसपी (पूर्वी) व सीओ सिटी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रिपोर्ट नहीं दर्ज करने पर जांच के आदेश
करनैलगंज के बटौरा बख्तावर सिंह निवासी श्रीचंद्र तिवारी ने आईजी को शिकायती पत्र देकर बताया कि 19 फरवरी 2026 को उनकी बाइक चोरी हो गई थी। इस संबंध में 21 फरवरी को कोतवाली करनैलगंज में लिखित शिकायत दी गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। आईजी के निर्देश पर रेंज कार्यालय से टीम भेजकर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता का प्रार्थनापत्र जनशिकायत रजिस्टर में दर्ज ही नहीं किया गया था और न ही अब तक एफआईआर पंजीकृत हुई थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।