गोंडा। धोखाधड़ी व गबन के मामले में जेल में निरुद्ध कस्तूरबा गांधी विद्यालय परसपुर की वार्डन का जमानत प्रार्थनापत्र जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने साल 21 अगस्त 2023 को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परसपुर का औचक निरीक्षण किया था। कमियां मिलने पर उन्होंने विद्यालय संचालन में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में वार्डन सरिता सिंह के खिलाफ जांच का आदेश दिया था। बीएसए ने 22 अगस्त 2023 को वार्डन सरिता सिंह को कार्य व दायित्वों से अलग कर दिया और प्रकरण की जांच के लिए बीईओ मुख्यालय आरके सिंह, बीईओ करनैलगंज नूतन जायसवाल व जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रक्क्षंदा सिंह को नामित किया। इसी प्रकरण में वार्डन सरिता सिंह व अन्य के खिलाफ परसपुर थाने में धोखाधड़ी व सरकारी धन के गबन का केस भी दर्ज कराया गया था। मामले में सुनवाई के दौरान मुकदमे के साक्ष्य, तथ्य व परिस्थितियों को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी सरिता सिंह का जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया। अदालत ने एक लाख रुपये का व्यक्तिगत मुचलका व इसी धनराशि की दो प्रतिभू दाखिल करने पर आरोपी सरिता सिंह को रिहा करने का आदेश दिया है।