मछली बाजार/मनकापुर। अयोध्या के सरयू घाट पर कांवड़ के लिए जल भरते समय डूबे पचपुती जगतापुर निवासी 21 वर्षीय शिवपूजन की इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
पचपुती जगतापुर के कुट्टिया पुरवा निवासी बाबूराम के पुत्र शिवपूजन (21) नौ अगस्त को सावन मेले में अयोध्या गए थे। 10 अगस्त को सरयू घाट पर स्नान करते समय वह डूबने लगे तो जल पुलिस के जवानों ने आनन-फानन बाहर निकाल लिया। शिवपूजन को गंभीर हालत में अयोध्या के श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
अयोध्या पुलिस ने शव को महाकाल सेवा संस्थान की मर्चरी में रखकर पहचान कराने का प्रयास किया। शव की फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। मनकापुर पुलिस ने भी फोटो को क्षेत्र के व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा कराया। फोटो देखकर परिजनों ने दाहिने हाथ पर बने टैटू से शिवपूजन की पहचान की। इसके बाद परिजन अयोध्या पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। बुधवार देर शाम शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार को मनवर नदी के तट पर पिता बाबूराम ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो से परिजनों ने युवक की पहचान की।
भाई-बहनों में सबसे बड़ा था शिवपूजन
शिवपूजन दो भाइयों और एक बहन में बड़े थे। उनके भाई गोविंद और बहन सोनिया हैं। वह पिता के साथ मजदूरी कर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करते थे। शिवपूजन की मौत से मां वसंती देवी और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।