कीर्तिपाल सिंह कुठारी की फाइल फोटो व मेडिकल कॉलेज में देहदान प्रपत्र सौंपते अभियान प्रमुख मनो
गोंडा। देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के बीच शुक्रवार को गोंडा मेडिकल कॉलेज को अध्ययन के लिए तीसरी पार्थिव देह मिली। कानपुर के हालसी रोड निवासी कीर्तिपाल सिंह कुठारी की मृत्यु के बाद परिजनों ने उनकी देहदान की इच्छा पूरी की। देहदान से पहले उनका नेत्रदान भी कराया गया, जिससे दो लोगों को रोशनी मिलने की उम्मीद है।
युग दधीचि देहदान अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में देहदान के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे मनोज सेंगर और माधवी सेंगर ने शुक्रवार को पार्थिव देह गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाई। कीर्तिपाल का शुक्रवार सुबह सात बजे निधन हुआ। इसके बाद उनके बेटे सुमित ने अभियान प्रमुख मनोज सेंगर को सूचना देकर पिता की अंतिम इच्छा पूरी कराने का आग्रह किया।
मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में डॉ. राजेश कुमार और विपिन कुमार ने डॉ. मारुति प्रसाद के निर्देशन में पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मानपूर्वक पार्थिव देह स्वीकार की। कीर्तिपाल जैन धर्म के अनुयायी और व्यापारी थे। वह जैन समाज के सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। कानपुर में जैन समाज की प्रार्थना के बाद उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
पहले भी दो लोगों ने दान की थी देह
गोंडा मेडिकल कॉलेज को इससे पहले 15 जनवरी को कानपुर के विजय नगर निवासी सरोज पांडेय और 13 मार्च को गुलमोहर विहार निवासी शकुंतला की पार्थिव देह अध्ययन के लिए दान की गई थी। इस तरह सात माह के भीतर मेडिकल कॉलेज को तीसरी पार्थिव देह मिली है। मनोज सेंगर ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 325वां देहदान कराया जा चुका है।
कीर्तिपाल सिंह कुठारी की फाइल फोटो व मेडिकल कॉलेज में देहदान प्रपत्र सौंपते अभियान प्रमुख मनो