गोंडा। वैशनपुरवा गांव में पंखे में उतरे करंट की चपेट में आने से एक महिला पंखे से चिपक गई। बचाने दौड़ा उसका पति भी करंट की चपेट में आ गया। जिससे दोनों की मौत हो गई। परिवार वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना परसपुर क्षेत्र के राम आंटा गांव के मजरे वैशनपुरवा निवासी जनकराज ने बताया कि उनके चार बेटे सबसे बड़ा अनिल, सुनील, विमल व विमलेश हैं। बड़ा बेटा अनिल जायसवाल (40) व बहू सुमित्रा देवी (38) अपने बच्चों के साथ गांव के बाहर सड़क किनारे बने मकान में रहते थे।
जबकि परिवार के अन्य सदस्य गांव के पैतृक घर में रहते हैं। जनकराज के मुताबिक बुधवार की सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे उसकी बहू घर में लगे पंखे में उतरे करंट की चपेट में आकर पंखे में चिपक गई।
सुमित्रा को बचाने दौड़ा अनिल भी करंट की चपेट में आ गया। जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नीरज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
-आंटा गांव के मजरे वैशनपुरवा का रहने वाला अनिल जायसवाल घर से एक किलामीटर की दूरी पर ठेला लगाता था। जिसपर समोसा बनाकर उससे हाने वाली कमाई से ही परिवार का भरण पोषण करता था। कोराना काल में लॉकडाउन के दौरान ठेला भी बंद हो गया था। परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से किसी तरह से परिवार का भरण पोषण होता रहा।
आंटा गांव के मजरे वैशनपुरवा के रहने वाले अनिल जायसवाल और उसकी पत्नी सुमित्रा देवी के तीन बच्चे बेटा अंशू 12, प्रिंसू 9 व बेटी ऋष्टि 7 की है। दोनों की मौत से तीनों बच्चों के सिर से माता पिता का साया उठ गया। तीनों बच्चे माता पिता की मौत से सदमे में हैं। परिवार में कोहरा मचा है।