झंझरी/गोंडा। मंडलीय कारागार में सोमवार शाम रमजान (26) की मौत के मामले में जेल प्रशासन सख्त हो गया। जेल अधीक्षक की जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए बंदीरक्षक सतेंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। अयोध्या रेंज के जेल डीआईजी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेल अधीक्षक मृत्युंजय पांडेय ने बताया कि जेल में निरुद्ध परसपुर के लच्छनपुरवा दुरौनी निवासी रमजान की मौत के बाद जांच की गई। इसमें प्रथम दृष्टया बंदीरक्षक को लापरवाही का दोषी पाए जाने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को रिपोर्ट दी गई थी। इसके आधार पर बंदीरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जेल में हुई इस घटना का कई स्तर से भी जांच चल रही है। जेल डीआईजी शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने भी जांच शुरू कर दी है। वहीं, जल्द ही न्यायिक जांच शुरू हो सकती है। उनका कहना है कि जेल में बंदियों की सुरक्षा के लिए सभी की जिम्मेदारी तय है। ऐसे में इस तरह की घटना को लेकर जेल प्रशासन पूरी तरह से सख्त हैं।
बताते चलें कि रमजान अपने भाई की पत्नी की दहेज हत्या के मामले में जुलाई से निरुद्ध थे। रमजान की मां, पिता व भाई भी इसी मामले में निरुद्ध हैं। जेल प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद शव को पत्नी व रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया। गांव में रमजान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया है।
पति के शव को देखकर बेसुध हुई पत्नी, एक दिन पहले जेल में की थी मुलाकात
परसपुर। हमका छोड़ कय काहे चले गयेव, हाय रे अब हम का करबै, अब हमारा छोट-छोट बच्चे केहके सहारे जिंदा रहियैं। यह दर्द रमजान (26) की पत्नी शैदुन का रहा। शव देखते ही वह बेसुध हो गईं। शैदुन ने सोमवार को ही जेल में रमजान से मुलाकात की थी। उनके हाथ में लगा जेल का मुहर भी नहीं छूटा था। होश आने के बाद पत्नी ने बताया कि मुलाकात के वक्त पति खुश थे। चेहरे पर कोई तनाव नहीं था। समझाया था कि खाया पिया करो। बच्चों का ख्याल रखना। हम जल्द छूट कर घर आएंगे।
खारिज हो गई थी जमानत
पत्नी शैदुन ने बताया कि दो बार पति की जमानत खारिज हो गई। उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल करना था। कहा कि पैसा नहीं था। हम कहीं से कर्जा का इंतजाम कर रहे थे। पति के जेल जाने के बाद हम छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपने मायके गोड़वा नसीरपुर थाना कटरा बाजार में रहती थी। पति से जेल में मुलाकात के बाद वह अपने मायके चली गई थी।
परिवार से अलग रहते थे रमजान
रमजान के परिवार में पत्नी व चार छोटे बच्चे इंसान अली (8), सादाब (7), अजमेरुल (5) व शेरे आलम (2) हैं। बताया कि देवर कुदरत की पत्नी ने फांसी लगा लिया था। दहेज हत्या में उसके ससुर बरकत उल्ला व पत्नी रजिया, पति रमजान व कुदरत जेल में निरुद्ध थे। उसके पति परिवार से अलग रह कर मेहनत मजदूरी कर गुजर-बसर करते थे। दहेज हत्या में उसे भी आरोपी बना दिया गया था।