मोहम्मद रईस को इसी घर से उठाया गया था।
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यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया सद्दाम शेख का मददगार मोहम्मद रईस पांच दिन से चर्चा में है। रईस पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप हैं। रईस की गिरफ्तारी से पूर परिवार सदमे में है। रईस के पिता मोहम्मद हुसैन व मां नूरजहां बिलख रही हैं।
तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रामापुर दीनपुरवा निवासी मोहम्मद हुसैन की चचेरी बहन जैतुननिशा पाकिस्तान के कराची शहर में रहती है। वह हुसैन के चचेरे भाई अब्दुल मजीद की सगी बहन है। रईस के चाचा अब्दुल मजीद दो माह के वीजा पर एक माह पहले पाकिस्तान गए हैं। जहां वह अपनी बहन जैतुननिशा के घर पर हैं।
जैतुननिशा के पति मुसाहेब का कराची में कारोबार है। जैतुननिशा आखिरी बार साल 2005 में एक निकाह में तरबगंज के रामापुर आई थी। उसके बाद से वह भारत नहीं आ सकी। परिजनों संग ही मोहम्मद रईस भी बुआ जैतुननिशा से फोन पर बातचीत करता था।
पाकिस्तान के हालात और यहां अपनों पर होने वाले जुल्म की मनगढ़ंत कहानी भी वह बुआ और रिश्तेदारों को सुनाता था। मासूम दिखने वाले मोहम्मद रईस को स्थानीय लोग सीधा व साधारण युवक समझते थे। उसके आईएसआई एजेंट होने के खुलासे से हर कोई हैरान है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के हैंडलर हुसैन के संपर्क में आने के बाद मोहम्मद रईस आईएसआई एजेंट बन गया था। वह आईएसआई हैंडलर को महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और उनसे संबंधित संवेदनशील सूचनाएं भेजता था। आईएसआई हैंडलर से मिलने वाली बख्शीश की रकम लेकर रईस मई में मुंबई से घर लौटा था।
मई में ही उसने तरबगंज थाना क्षेत्र के उमरी बेगमगंज के कोमसाबाद गांव की रहने वाली सबा बानो से निकाह किया था। तब से वह मुंबई नहीं लौटा। इसी बीच अब रईस एटीएस के हत्थे चढ़ गया और पूछताछ में उसके आईएसआई एजेंट होने का खुलासा हुआ।
एसपी अंकित मित्तल का कहना है कि राष्ट्रविरोधी और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर मोहम्मद रईस की यूपी एटीएस ने गिरफ्तारी की है। इससे पहले सद्दाम शेख को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों का ताल्लुक गोंडा से है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को भी अलर्ट जारी किया गया है। सभी खास बिंदुओं की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए हैं।