गोंडा। कहते हैं पुलिस चाहे तो कुछ भी कर सकती है। ऐसा ही एक मामला कोतवाली करनैलगंज में तैनात एक दरोगा ने कर दिखाया है। दरोगा ने हादसे में मौत की विवेचना के दौरान कार से हुए हादसे को ट्रक से दिखा दिया।
यही नहीं दरोगा ने कार चालक व मालिक को विवेचना में बचा लिया। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी थी। इस मामले में एसपी ने बुधवार को आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है। एसपी ने मामले की विवेचना सीओ सिटी के निर्देशन में कराने के आदेश किए है।
कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के गोंडा-लखनऊ मार्ग पर 18 जनवरी को ग्राम जहांगिरवा रेलवे क्रॉसिंग के पास कार की टक्कर से राजकुमार (35) निवासी ग्राम त्रिलोचनपुर रेंवारी कोतवाली करनैलगंज की मौके पर मौत हो गई थी। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने चले गए। मौके पर पहुंचे भंभुआ चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार गंगवार ने राजकुमार के भाई रामू एवं चार अन्य लोगों के हस्ताक्षर पंचनामा पर करवाया।
रामू ने बताया कि कोतवाली में कोई तहरीर नहीं दी थी, जब दरोगा ने उससे तहरीर मांगी तो दरोगा को उसने बताया था कि पोस्टमार्टम कराने के तहरीर दी जाएगी। इसी बीच दरोगा प्रदीप कुमार ने एफआईआर दर्ज करवा दी। जिसमें कार चालक व मालिक को बचाने के लिए हादसा ट्रक से होना दर्शा दिया।
यहीं नही मुकदमे के विवेचक दरोगा प्रदीप कुमार गंगवार ने फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी। रामू ने एसपी से मिलकर दरोगा की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी दरोगा प्रदीप कुमार गंगवार को सस्पेंड कर दिया गया है। मुकदमे की विवेचना सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के निर्देशन में कराने के आदेश दिए गए हैं।