गोंडा। जिले बढ़ते डायरिया व अन्य मौसम जनित बीमारियों में झोलाछापों की मनमानी को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर कार्रवाई करने मेें जुट गई है। टीम ने बभनजोत ब्लॉक में कई क्लीनिकों का निरीक्षण किया। जिसमें एक क्लीनिक का लाइसेंस व पेशे से संबधित डिग्री न मिलने पर सील कर दिया गया है।
जिले में बीमारियां का खतरा बढ़ने के साथ अप्रशिक्षित डॉक्टरों के इलाज से भी खतरा बढ़ रहा है। झोलाछाप के इलाज से सेहत बिगड़ने की शिकायतें मिल रही है। पिछले दिनों दो अलग-अलग निजी क्लीनिकों पर डायरिया से पीड़ित मरीजों के मौत के मामले सामने आए। अप्रशिक्षित डॉक्टरों की शिकायत मिलने पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मसकनवा व बभनजोत इलाके में कई क्लीनिकों पर छापा मारकर निरीक्षण किया। मसकनवा में निरीक्षण के दौरान कुछ झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक बंद करके भाग निकले।
बभनजोत के सैदवापुर में एक क्लीनिक संचालक के पास न तो लाइसेंस मिला न ही मेडिकल पेशे से संबधित कोई डिग्री मिली। टीम के पहुंचने पर बच्छराज वर्मा नाम का व्यक्ति मरीजों का इलाज करता मिला। टीम को न तो क्लीनिक का कोई लाइसेंस मिला, न बच्छराज मेडिकल पेशे से संबधित कोई डिग्री दिखा पाए। टीम ने क्लीनिक को सील कर संबधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही। मसकनवा में कुछ क्लीनिक संचालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल, सीएचसी अधीक्षक डॉ. तरुण मौर्य, सुशील मिश्र आदि रहे।