विश्नोहरपुर (गोंडा)। तनाव...तंज...तेवर और तल्खी के बीच अवध की राजनीति के लिए सावन का दूसरा सोमवार रोमांचक रहा। कयासों को दरकिनार कर कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले की इस मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले गए। मंगलवार को इसपर नंदिनीनगर में पूर्व सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बुलाया, तो हम मिलने गए। मुलाकात बिल्कुल व्यक्तिगत, जैसे परिवार के दो लोग काफी दिनों बाद मिले हों और अपना-अपना शिकवा...अपना-अपना गम बयां कर रहे हों। बस यही हुआ। कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
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बेबाक बृजभूषण ने कहा कि मुख्यमंत्री हमारे शुभचिंतक हैं। यह सत्य है कि 31 महीने मैंने उनसे मुलाकात नहीं की। अब जब बुलाया तो मैं गया। इस पर किसी को आपत्ति करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री से केवल पुरानी बातें हुईं। पुराने संबंधों पर चर्चा हुई। हम महसूस कर रहे थे और वह महसूस कर रहे थे। किसी के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।
पूर्व सांसद ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। 2023 जनवरी माह से मुख्यमंत्री से मेरी बातचीत बंद हो गई। 31 महीने न मैं मुख्यमंत्री से मिला और न ही मिलने का प्रयास किया। यह मेरे लिए एक टर्निंग पॉइंट था। मेरे ऊपर एक बड़ा आरोप लगा, उसका मुझे सामना करना पड़ा। उसी दिन मैंने निश्चय कर लिया था, यह लड़ाई मेरी है और मुझे ही लड़नी है।
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जनवरी 2023 में ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगा था, जो अपरिहार्य कारणों से निरस्त हो गया। उसी वक्त मैंने एक अधिकारी से कहा था कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं नहीं बुलाएंगे, तब तक नहीं जाएंगे। अब मुख्यमंत्री ने मिलने की इच्छा जताई, जिस पर मैं मिलने गया। यह बात अलग है कि हमारे बच्चे उनसे मिलने जाते थे। पूर्व सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री से हमारे 56 वर्ष के संबंध हैं। वैसे तो गोरखनाथ मंदिर पर मैं विद्यार्थी जीवन से ही आता था। मुख्यमंत्री के साथ हम खेले हैं, हंसी मजाक हुआ है।