गोंडा। पुरानी पेंशन की बहाली व निजीकरण के विरोध में बुधवार को कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। विभिन्न सरकारी संस्थानों के निजीकरण के विरोध में आवाज बुलंद की। बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण 50 करोड़ से अधिक के लेनदेन के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारी जिला पंचायत टिनशेड में एकत्र हुए। सभी ने एकस्वर में पुरानी पेंशन को बहाल किए जाने की मांग की। वर्कचार्ज व प्रतिदिन काम करने वाले कर्मचारियों की पुरानी सेवाओं को जोड़ते हुए उन्हें नियमित करने, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बिजली विभाग के निजीकरण को तत्काल रोकने सहित अन्य समस्याओं का मुद्दा उठाया।
इस दौरान राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामरंग चौबे, मंडलीय अध्यक्ष सत्य नारायण तिवारी, दिनेश तिवारी, उप्र फेडरेशन ऑफ मिनिस्टि्रयल सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्य किशोर शर्मा, अजीत पांडेय, लोक निर्माण विभाग श्रमिक संघ के अध्यक्ष अंबिका प्रसाद यादव, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के क्षेत्रीय संयोजक पंकज राठौर, रामकृपाल यादव, मीनाक्षी खरे, ईश्वर शरण शुक्ला, आनंद त्रिपाठी, विनोद कुमार गौतम, इंदु सिंह, संतोषी देवी, विनीत तिवारी, संतोष शुक्ला सहित कई मौजूद रहे।
जनविरोधी व गलत बैंकिंग नीतियों पर जताया विरोध
इंडियन बैंक की मुख्य शाखा पर बैंक कर्मियों ने इंडियन बैंक इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष देवीनंदन कुमार सिंह की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार और बैंक प्रबंधन की जनविरोधी बैंकिंग व आर्थिक नीतियों से जनता परेशान है। अध्यक्ष ने कहा कि 50 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस दौरान आशीष मिश्रा, सुधीर कुमार, शिव प्रसाद मिश्र, निजामुद्दीन, सैफुद्दीन, अनिल कुमार, विवेक कुमार त्रिपाठी, ब्रजेश मौर्या, मनोज मिश्रा, नायब यादव, विष्णु श्रीवास्तव सहित अन्य शामिल रहे। उधर, एलआईसी दफ्तर के सामने भी कर्मचारियों ने हक के लिए आवाज उठाई। बीमा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामनरेश शुक्ल, सुशील तिवारी, दिलीप श्रीवास्तव, जगन्नाथ, अजीजुर्रहमान, विजय वर्मा, अभिषेक त्रिपाठी, अनुपम मिश्रा, नितिन गोयल सहित अन्य मौजूद रहे।