यातायात माह में लोगों को ट्रैफिक के नियम बताए जा रहे हैं लेकिन लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के जोखिम भरा सफर करना चालकों की आदत में शुमार हो गया है। ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए चौक-चौराहों पर ड्यूटी में लगाए गए पुलिसकर्मी भी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।
बड़गांव चौराहा दोपहर 11 बजे
रोज की तरह लोग रोजमर्रा के काम के लिए जाते दिखाई पड़े। चौराहे पर बड़गांव पुलिस चौकी का एक सिपाही और दो होमगार्ड ड्यूटी बजाते मिले। मगर चौराहे से ही सिपाही व होमगार्ड के सामने ही लोग बाइक पर ट्रिपलिंग कर रहे थे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने ट्रिपल राइडर्स को रोकने की हिम्मत तक नहीं की।
फौव्वारा चौराहा दोपहर 11:30 बजे
शहर के फौव्वारा चौराहे पर बुधवार को भी ट्रैफिक लोड रहा। शहर का मुख्य चौराहा होने के कारण यहां ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाही व तीन होमगार्ड की हर रोज ड्यूटी लगती है। लेकिन न तो यहां सिपाही मिले और न ही होमगार्ड। चौराहे से ट्रिपल राइडर्स के साथ ही चौपहिया वाहन चालक भी बिना सीट बेल्ट के गुजर रहे थे, यहां से लोग रांग साइड भी ड्राइव करते मिले।
एलबीएस चौराहा दोपहर 12 बजे
शहर के एलबीएस कॉलेज चौराहे पर सड़कों पर बाइकर्स व चौपहिया गाड़ियां दौड़ रही थी। बेतरतीब ड्राइविंग के कारण यहां जाम भी लगा था। वाहनों को पास कराने के लिए यहां ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस का सिपाही व होमगार्ड सभी नदारत थे। एक होमगार्ड दुकान पर बैठा आराम फरमा रहा था। जाम खुलवाने के लिए पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
कैमिकल व्यवसायी जितीश सिंघल का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण बिना हेलमेट के बाइक ड्राइव करना चलन हो गया है। कपड़ा व्यवसायी अमित गुप्ता का कहना है कि राजधानी में पुलिस की सख्ती के कारण जनपद के लोग अगर वहां बाइक या चौपहिया वाहन से जाते हैं तो हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करते हैं।
मगर वहीं लोग जनपद में ड्राइविंग करते समय हेलमेट नहीं लगाते है। एलबीएस कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. राज बहादुर सिंह बघेल का कहना है कि सड़क पर ड्राइविंग करने वालों को ट्रैफिक नियम का पता होना चाहिए।