गोंडा। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रह गया। जिले की 52 पीएचसी पर रविवार को जन आरोग्य मेला लगा। इस दौरान कहीं जांच की सुविधा नहीं मिली तो कहीं विशेषज्ञ चिकित्सक के स्थान पर आयुष डॉक्टरों ने उपचार की खानापूर्ति कर दी।
आयुष चिकित्सक ने किया एलोपैथिक उपचार
पीएचसी जमुनहा
दोपहर 1:10 बजे
छपिया सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुनहा में किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। यहां आयुष चिकित्सक डॉ. एमए खान मरीजों का उपचार कर रहे थे। दोपहर तक 23 मरीजों का उपचार किया गया था। फार्मासिस्ट केके तिवारी ने दवाओं का वितरण किया।
पीएचसी मसकनवा
दोपहर 1:23 बजे
छपिया सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में भी विशेषज्ञ व महिला चिकित्सक की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। आयुष चिकित्सक डॉ. पवन पटवा ने मरीजों का उपचार किया। यहां अधिकांश मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार व खांसी के थे। दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट रमेश यादव ने मरीजों को दवा वितरित किया। लैब में एलटी विजय प्रताप मौजूद रहे।
नहीं मिली जांच की सुविधा
पीएचसी देवतहा
दोपहर 1:30 बजे
इटियाथोक सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवतहा में दोपहर तक मात्र 22 मरीजों का उपचार हुआ था। यहां एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. अरविंद मिश्र मरीजों का उपचार कर रहे थे। लेकिन जांच की सुविधा नहीं थी, जिससे मरीजों को सिर्फ लाल-पीली गोली देकर मरीजों को वापस किया जा रहा था। यहां फार्मासिस्ट कलीमुल्लाह समेत अन्य रहे।
जांच न होने पर मांगा जाएगा जवाब
आरोग्य मेले में डॉक्टरों, एलटी व एलए की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया गया है। जहां जांच की सुविधा नहीं मिली है, संबंधित सीएचसी के अधीक्षकों से जवाब मांगा जाएगा।
डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ