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Gonda News: नौकरी न मिली तो स्वरोजगार से हासिल किया मुकाम

Fri, 01 Aug 2025 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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जानकीनगर में मसाले की पैकिंग करतीं संजू मिश्रा। -स्वयं
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गोंडा। पांच बार परास्नातक व बीएड की डिग्री हासिल करने के बावजूद सरकारी नौकरी नहीं मिली तो शहर के जानकी नगर निवासी संजू मिश्रा ने स्वरोजगार का रास्ता चुन लिया। उन्होंने छह माह का प्रशिक्षण लेकर मसाले व गुड़ की चिक्की बनाने का कारोबार शुरू किया। इस समय पांच जिलों में उनके उत्पाद पसंद किए जा रहे हैं।
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अक्षरा गृह उद्योग के तहत स्वाद अवध के आंगन के टैगलाइन के साथ संजू मिश्रा के मसाले व गुड़ की चिक्की गोंडा, अयोध्या, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच में खूब पसंद किए जा रहे हैं। इसके स्वाद के पीछे संजू मिश्रा की मेहनत व महिला सशक्तीकरण की कहानी छिपी हुई है। जानकी नगर उपरहितन पुरवा निवासी संजू मिश्रा ने बताया कि वह बचपन से ही शिक्षक बनना चाहती थीं। इसके लिए समाज शास्त्र, इतिहास, गृह विज्ञान व दो बार संस्कृत से परास्नातक की डिग्री हासिल की। बीएड व टीईटी भी उत्तीर्ण किया, लेकिन समय से वैकेंसी न आने के कारण सरकारी शिक्षक बनने का सपना पूरा नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने शहर के निजी प्रतियोगी शिक्षण संस्थान में पढ़ाना शुरू कर दिया। शिक्षण कार्य करते हुए राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण लेकर मसाले व गुड़ की चिक्की बनाने का काम शुरू कर दिया। अक्षरा स्वयं सहायता समूह बनाया और बैंक से ऋण लेकर मशीनें खरीदीं। अब पांच जिलों तक संजू मिश्रा के उत्पाद बिक रहे हैं।
महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बना रहीं आत्मनिर्भर
संजू मिश्रा ने बताया कि वह स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मसाला पाउडर व चिक्की बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। कोचिंग में छात्र-छात्राओं को पढ़ाकर शिक्षक बनने का सपना भी पूरी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके मसाले शुद्ध व केमिकल रहित हैं। बाजार से खड़े मसाले खरीदकर उन्हें साफ किया जाता। फिर मशीन में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है। लालमिर्च, हल्दी, धनिया, काली मिर्च, गरम मसाला, सब्जी मसाला, अजवाइन, मेथी दाना सहित 11 प्रकार के मसालों के पाउडर तैयार किए जाते हैं। गुड़, सोंठ, मूंगफली व तिल की चिक्की भी बनाती हैं। संजू के स्वयं सहायता समूह का प्रतिवर्ष करीब पांच लाख रुपये का कारोबार हो रहा है।
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