गोंडा। दहेज के लिए पत्नी का उत्पीड़न व दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को न्यायालय ने 10 साल के कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य के अभाव में सास को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी ओमप्रकाश ने मनकापुर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें कहा कि उन्होंने अपनी बेटी दीपशिखा की शादी क्षेत्र के ग्राम लिदेहना ग्रंट निवासी लक्ष्मन के साथ की थी। पति लक्ष्मन, सास मीरा देवी, ननद चांदनी कम दहेज लाने का ताना देने के साथ ही पल्सर बाइक और एक लाख रुपये की मांग को लेकर दीपशिखा को प्रताड़ित करते थे। सात जुलाई 2022 को सूचना मिली कि दीपशिखा की मौत हो गई है। विवेचना के दौरान दहेज के लिए उत्पीड़न और विवाहिता की हत्या के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी लक्ष्मन व मीरा देवी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान गवाहों के बयान व अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने लक्ष्मन को दोषी करार दिया। साक्ष्य के अभाव में मीरा देवी को दोषमुक्त कर दिया। शुक्रवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सूर्य प्रकाश सिंह ने लक्ष्मन को दंडित किया। (संवाद)