गोंडा। दहेज हत्या के सात वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-प्रथम) मनोज कुमार की अदालत ने विवाहिता के पति, देवर और ससुर को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीनों पर आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बाराबंकी के दरियाबाद थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी नान्हू ने 30 अप्रैल 2019 को कटरा बाजार थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि पुत्री बुधना की शादी कटरा बाजार के मुन्नीपुरवा (मौजा चौदहा) निवासी ज्ञानू से हुई थी। शादी के बाद पति ज्ञानू, उसके भाई विनोद और पिता लक्ष्मी प्रसाद दहेज की मांग को लेकर बुधना को प्रताड़ित करते थे। 30 अप्रैल 2019 को तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और अन्य साक्ष्य जुटाए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 14 जून 2019 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। अदालत ने पति ज्ञानू, देवर विनोद और ससुर लक्ष्मी प्रसाद को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए दंडित किया है।