गोंडा के बेलसर सीएचसी में जांच कक्ष में लगा ताला।
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ग्रामीण क्षेत्रों मेें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के नाम पर भले ही लाखों का बजट खर्च किया जा रहा हो, लेकिन मरीजों को एक्स-रे तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिले के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 12 में एक्स-रे की सुविधा नहीं है। इसके अलावा अन्य जरूरी जांचों के लिए बाहर का रास्ता देखना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त व जरूरी इलाज का सरकारी दावा खोखला साबित हो रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इटियाथोक में मरीजों को एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हर रोज करीब 20 से अधिक मरीजों को बाहर से एक्स-रे की जांच करवानी पड़ रही है। सीएचसी, परसपुर में पिछले सात माह से टेक्नीशियन न होने से केंद्र पर पड़ी मशीन धूल फांक रही है। करीब 15 मरीजों को भटकना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मसकनवा में एक साल पहले एक्स-रे मशीन लगाई गई, लेकिन प्लेट न होने के कारण मरीजों को एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सीएचसी मुजेहना में एक्स-रे व अन्य जरूरी जांच की व्यवस्था नहीं होने से हर रोज करीब बीस लोगों को भटकना पड़ रहा है। सीएचसी मोतीगंज में भी एक्स-रे व अन्य जरूरी जांच की व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार सीएचसी बेलसर, कटरा बाजार सहित 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे तक की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएमओ डॉ रश्मि वर्मा का कहना है कि लगभग सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे मशीन की व्यवस्था है। जहां टेक्नीशियन न होने या अन्य कारणों से एक्स-रे नहीं हो पा रहा है, वहां एक्स-रे की सुविधा शुरू करायी जाएगी।