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मरीज को मारे थप्पड़, चप्पल से पीटा

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फोटो-9 गोंडा के जिला अस्पताल में हाथ में पत्थर लिए लड़ाई करती महिला। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल में आर्थो ओपीडी के समक्ष मामूली बात को लेकर दो मरीजों मेें भिड़ंत हो गयी। इस दौरान एक महिला मरीज ने इलाज के लिए आए युवक को दौड़ाकर पीटा। पिटाई से बचने के लिए युवक एक पैर से दीवार का सहरा लेकर भागने को मजबूर हुआ। मारपीट व हंगामा होने के दौरान अस्पताल के सुरक्षा कर्मी जहां मौके से गायब दिखे वहीं ओपीडी में मौजूद अन्य लोग भी बीच बचाव करने की जगह घटना का वीडियो बनाने में मशगूल दिखे।
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गुरुवार को जिला अस्पताल में आर्थो सर्जन डॉ. अरुण मिश्र की ओपीडी चल रही थी। इस दौरान दिखाने आयी एक महिला व युवक मरीज में मामूली कहासुनी के बाद विवाद होने लगा। जल्द ही इस नोकझोंक ने मारपीट का रुख अख्तियार कर लिया। इस दौरान नाराज महिला मरीज ने जमकर हंगामा काटा। धानेपुर के महेशभारी से आए वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका पैर टूट गया था। वह जिला अस्पताल में प्लास्टर चढ़वाने आया था और ओपीडी के सामने बनी बेंच पर जगह न मिलने के कारण जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक महिला का पैर उसके टूटे पैर पर पड़ गया। इससे हुई पीड़ा के कारण उसने महिला से ऊंची आवाज में बोल दिया कि दिखाई नहीं पड़ता क्या। इस बात को लेकर ही दोनों में विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि हंगामा कर रही महिला ने पीड़ित वीरेंद्र के ऊपर थप्पड़ बरसाना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर महिला ने चप्पल निकाल कर युवक की पिटाई शुरू कर दी। इससे बचने के लिए वह एक पैर से दीवार का सहारा लेकर भागने को विवश हुआ। इस दौरान ओपीडी के सामने खड़े मरीज व तीमारदार तमाशबीन बन वीडियो बनाते रहे। एक तीमारदार ने युवक का बचाव करने का साहस उठाया तो हंगामा कर रही महिला हाथ में पत्थर लेकर उसे मारने के लिए दौड़ पड़ी।
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ओपीडी से बाहर नहीं निकले डॉक्टर
ओपीडी के समक्ष इस दौरान करीब आधा घंटे तक हंगामा व शोर के बीच मारपीट होती रही। इसके बावजूद ओपीडी कक्ष में बैठा कोई भी डॉक्टर व अस्पताल का स्टाफ बीच बचाव के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदार संतोष कुमार ने बताया कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है। पिछले दिनों उसकी मोबाइल चोरी हो गई लेकिन किसी ने शिकायत नहीं सुनी। बीती 18 मई को भी इमरजेंसी में डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मार-पीट की घटना हुई थी लेकिन पुलिस मौक से नदारद रही थी।
जिला अस्पताल में मारपीट व चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। सुरक्षा के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर व पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक इस पर कोई भी सकारात्मक सुनवाई नहीं हुई है। जिला अस्पताल में कुछ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन वह भी ओपीडी के समय गायब रहते हैं। डॉ. इंदुबाला, प्रमुख अधीक्षक
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