मंडलायुक्त कार्यालय में जनसुनवाई करतीं अपर आयुक्त मीनू राणा। -संवाद
गोंडा। मंडलायुक्त कार्यालय में सोमवार को आयोजित ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ जनसुनवाई में तरबगंज के महेशपुर गांव की बुजुर्ग प्रेमादेवी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई है। डीपीआरओ को प्रकरण के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रेमादेवी ने बताया कि उनके पति कालीचरन का निधन हो चुका है। वह घर में अकेली रहती थीं, लेकिन देवर के कहने पर 12 अक्तूबर को उनका नाम परिवार रजिस्टर से हटा दिया गया। इसके बाद हालात ऐसे बने कि उन्हें शहर के हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में भीख मांगकर पेट पालना पड़ रहा है। देवर का कहना है कि वह इस परिवार का हिस्सा नहीं हैं।
बुजुर्ग महिला ने प्रार्थनापत्र के साथ मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, निवास, आय प्रमाण पत्र, वर्ष 2003 की मतदाता सूची का पृष्ठ समेत आठ साक्ष्य प्रस्तुत किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर आयुक्त मीनू राणा ने तत्काल डीपीआरओ लालजी दूबे से फोन पर जवाब तलब किया और निर्देश दिया कि जांच कर महिला का नाम तत्काल परिवार रजिस्टर में जोड़ा जाए।
मसौलिया गांव की रामकली ने बताया कि उनके पति शिवकुमार बीते मंगलवार को कचहरी में पेशी के लिए आए थे, लेकिन उसके बाद से घर नहीं लौटे। पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। अपर आयुक्त ने संबंधित थानाध्यक्ष को तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उमरी बेगमगंज क्षेत्र के मधईपुर गांव की केशपती देवी ने आरोप लगाया कि आठ फरवरी को उनके पुत्र विष्णु के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। थाने जाने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। मेडिकल परीक्षण और सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी कार्रवाई लंबित है। अपर आयुक्त (न्यायिक) ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कुल 11 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के लिए भेजे गए हैं।