श्रीरामजानकी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण करते डीआईओएस डॉ. रामचंद्र। स्रोत: विभ
गोंडा। अमान्य विद्यालयों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत सोमवार को डीआईओएस डॉ. राम चंद्र ने करनैलगंज में निजी स्कूलों की जांच की तो हकीकत खुलकर सामने आ गई। लिटिल फ्लावर काॅन्वेंट स्कूल और एसडी मेमोरियल काॅन्वेंट स्कूल में बिना सक्षम मान्यता के हाईस्कूल तक छात्रों की पढ़ाई होते हुए मिली। इस पर माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
इससे पहले शनिवार को डीआईओएस ने छपिया ब्लॉक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलहरी बुजुर्ग का निरीक्षण किया। बेलहरी बुजुर्ग में नव निर्मित राजकीय हाईस्कूल के हस्तांतरण का निर्देश दिया गया। जनता इंटर कॉलेज पतिजिया बुजुर्ग में लिपिक के उपस्थित न होने के कारण अभिलेख नहीं देखा जा सका। एमडीएम में छात्र संख्या 100 अंकित थी, मगर 31 छात्र ही मौके पर मिले। प्रेमघन इंटर कॉलेज मसकनवा 12.30 पर बंद मिला। ऐसे में उपस्थित दिव्यांग अध्यापक को छोड़कर सभी का वेतन बाधित कर दिया गया है।
नेताजी सुभाष चंद्र संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कड़रू में कोई छात्र पढ़ता हुआ नहीं पाया गया। तीन शिक्षक उपस्थित और एक आकस्मिक अवकाश थे, जबकि प्रधानाचार्य संत शरण त्रिपाठी कई दिनों से विद्यालय नहीं आए हैं। इस पर उनका वेतन रोक दिया गया है। श्री राम संस्कृत विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया। श्री राम जानकी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानी बाजार, आदर्श सांग्वेद संस्कृत विद्यालय इमिलिया गुरुदयाल बंद मिलने पर सभी कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है।