गोंडा। उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी मोहम्मद खलील और उनके बेटे के खिलाफ कोई और दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। नगर कोतवाली पुलिस ने छह सितंबर 2024 को मालवीयनगर निवासी मोहम्मद खलील और उनके बेटे चांदबाबू उर्फ तौफीक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। एक साल बाद भी मुकदमे की विवेचना पूरी न होने पर आरोपियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका प्रस्तुत कर एफआईआर रद्द करने की मांग की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और न्यायमूर्ति बबिता रानी की पीठ ने दो सप्ताह में प्रतिवाद प्रस्तुत करने और इसके बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
गैंगस्टर को जमानत नहीं
गाेंडा। परसपुर पुलिस ने ग्राम राम नेवाज पुरवा मौजा मरचौर निवासी शनि के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने शनि पर संगठित गिरोह का सदस्य होने का आरोप लगाया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रभारी विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) दानिश हसनैन ने शनि का जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया। (संवाद)
17 को होगी सुनवाई
करनैलगंज। पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के परिवार रजिस्टर का मामला ग्राम न्यायालय में पहुंच गया है। लल्ला भैया की बहन कुंवरि शैल सिंह की तरफ से ग्राम न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। इसमें नियमों के तहत खुली बैठक न कराने या परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के नियम की प्रक्रिया न अपनाने की बात कही गई है। इस पर 17 फरवरी को सुनवाई होनी है। (संवाद)