गोंडा। दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने और दहेज हत्या के मामले में आरोपी सास, जेठानी और देवर की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बहराइच के थाना जरवल रोड के ग्राम मदारपुर धनसरी निवासी सुंदरी देवी ने परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
सुंदरी देवी के मुताबिक उन्होंने बेटी सुमन की शादी परसपुर के ग्राम रकसड़िया के मजरा देवतादीन पुरवा निवासी अनिल से 31 मई 2022 को की थी। पति अनिल, ससुर रामसरन, सास माया देवी, जेठानी मधु व देवर सोनू दहेज में चार पहिया गाड़ी और चार लाख रुपये नकद की मांग को लेकर सुमन को प्रताड़ित करते थे। तीन अक्तूबर 2025 को ससुराल वालों ने फोन करके बताया कि सुमन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
वादिनी ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस मामले में विवेचना कर रही है। रामसरन, अनिल समेत अन्य आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक और एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस बीच 18 अक्तूबर को पुलिस ने रामसरन व अनिल को गिरफ्तार कर लिया। अन्य की याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने आरोपी माया देवी, मधु और सोनू की गिरफ्तारी पर आगामी 27 दिसंबर 2025 तक रोक लगा दी है।