गोंडा। संजय सेतु की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भारी वाहनों का डायवर्जन लागू कर दिया है। अब लखनऊ की ओर जाने वाले लोडेड ट्रक और बसों को अयोध्या और चहलारी घाट मार्ग से भेजा जा रहा है।
एनएचएआई की लखनऊ इकाई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बहराइच और सीतापुर के डीएम को पत्र भेजकर पुल की स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में बताया गया है कि संजय सेतु की हालत काफी जर्जर हो चुकी है और स्थायी मरम्मत कार्य के लिए पुल को बंद करना जरूरी है।
एनएचएआई की ओर से पहले 15 अप्रैल से 15 जून तक भारी वाहनों के डायवर्जन का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए ट्रक और बसों का डायवर्जन तत्काल लागू करने की जरूरत बताई गई। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि एनएचएआई का पत्र प्राप्त होने के बाद भारी वाहनों का डायवर्जन लागू कर दिया गया है। इन वाहनों को अयोध्या और बहराइच मार्ग से होकर भेजा जा रहा है। वहीं करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि बैरियर लगाकर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
छोटे वाहनों के लिए बन रहा पीपे का पुल
मरम्मत कार्य के दौरान छोटे वाहनों और दोपहिया की आवाजाही बनाए रखने के लिए संजय सेतु के पास पीपे का अस्थायी पुल बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए करीब 6.28 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह पुल लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है और इसे 15 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद संजय सेतु की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।