गोंडा। जून की तपिश अपने चरम पर पहुंच गई है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप, गर्म हवाओं और उसम ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है।
खुले आसमान के नीचे काम करने वाले श्रमिकों को घंटों तेज धूप में मेहनत करनी पड़ रही है। दूसरी ओर, बारिश में देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में नमी की कमी के कारण धान की नर्सरी और खरीफ फसलों की बोआई प्रभावित हो रही है।
किसान बारिश की आस लगाए आसमान की ओर देख रहे हैं। यह स्थिति कृषि कार्यों के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। रामतीरथ, सुमिरन, जगप्रसाद, प्रह्लाद और शिवशंकर सहित कई किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। धान की नर्सरी तैयार करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। अन्य फसलों की बोआई में भी समस्याएं आ रही हैं। किसानों को अपनी फसलों के भविष्य की चिंता सता रही है।