गोंडा। भीषण गर्मी और बढ़ती उसम का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। जिले में ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के बाह्य रोगी विभाग में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इन मरीजों में रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, चक्कर आना, कमजोरी और पानी की कमी जैसी शिकायतें हैं। तेज धूप और अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो रही है। इसका सीधा प्रभाव रक्तचाप पर पड़ रहा है। कई लोगों का रक्तचाप अचानक कम हो जा रहा है। वहीं पहले से उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। रामापुर निवासी बद्री को पिछले दो दिनों से लगातार चक्कर आ रहे थे। चांदपुर निवासी बीनू ने रक्तचाप बढ़ने और कमजोरी महसूस होने पर चिकित्सकीय सलाह ली।मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन निशांत पांडेय ने बताया कि गर्मी में अत्यधिक पसीना निकलने से पानी की कमी होती है। इससे रक्तचाप प्रभावित होता है और चक्कर, बेचैनी, कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। बुजुर्गों, हृदय रोगियों और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
ओआरएस, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें।
तेज धूप में निकलने से बचें।
खाली पेट लंबे समय तक न रहें।
चक्कर, कमजोरी या बीपी बढ़ने-घटने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बुजुर्ग और बीपी मरीज नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराते रहें।