गोंडा। भीषण गर्मी व तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बढ़ते तापमान से मौसम जनित बीमारियां बेकाबू हो रही हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक में डायरिया, निमोनिया, लू लगने व वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं। रविवार को जिला अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 55 लोगों को भर्ती कराया गया। इसमें 12 मरीज डायरिया से पीड़ित रहे। तीन सांस के रोगियों की मौत हो गई।
जिले में भीषण गर्मी के चलते मौसम जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर गांवों तक में लोग उल्टी-दस्त व वायरल फीवर से परेशान हैं। जिला अस्पताल में मरीजों का तादात बढ़ गई है। रविवार को इमरजेंसी में आए मरीजों में से 55 लोगों को विभिन्न वार्डों में भर्ती किया गया। डायरिया से पीड़ित कौड़िया बाजार के झौहना निवासी दो वर्षीय प्राची, शंकरपुरवा निवासी छह वर्षीय प्रिंस, छेदीपुरवा निवासी दो वर्षीय याशिका, इमिलिया मिश्र निवासी दो वर्षीय वानी, महराजगंज निवासी बीना सिंह सहित 12 मरीजों को विभिन्न वार्डों में भर्ती कराया गया है। वहीं जिला अस्पताल में सांस की बीमारी से ग्रसित तीन लोगों की मौत हुई है। संवाद
इमरजेंसी से रेफर कर दिए जाते हृदयरोगी
भीषण गर्मी में हृदयरोगियों की समस्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में हर रोज करीब दो दर्जन हृदयरोग से संबधी मरीज आते हैं, लेकिन यहां पिछले तीन सालों से कार्डियोलॉजिस्ट न होने के कारण मरीजों को इमरजेंसी से ही वापस होना पड़ता है। इमरजेंसी मे तैनात डॉ. दीपक सिंह ने बताया कि हृदय रोगियों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिलना बहुत जरूरी होता है। हृदयरोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर रोगियों को प्रारंभिक चिकित्सा देकर रेफर कर दिया जाता है। सामान्य मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। हर रोज करीब दो दर्जन से अधिक हृदय मरीज जिला अस्पताल में आ रहे हैं।
गांवों में पैर पसार रहा डायरिया
उल्टी-दस्त, लू लगना व अन्य मौसम जनित बीमारियों का सबसे अधिक प्रकोप गांवों में देखा जा रहा है। गांवों में लगभग हर घर में कोई न कोई गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ओआरएस का पैकेट तथा जिंक की गोली वितरित कर रहे हैं। बच्चों को लेकर सावधानियां बरतने तथा बीमार होने पर करीबी स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाने की सलाह दिया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता घरों में ही ओआरएस का घोल तैयार करने के तरीके बता रही हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- इस भीषण तपिश में ठंडे स्थानों से अचानक गर्मी या धूप में न निकलें।
- घर से बाहर निकलते समय पेट भर पानी पीकर अवश्य निकलें।
- बाहर निकलते समय गमझा या रुमाल से मुंह व सिर ढककर रखें।
- उल्टी दस्त या डायरिया का लक्षण दिखने पर तुरंत ओआरएस का घोल लें।
- बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक न पीकर, शिकंजी, आम का पना या सत्तू का घोल पिएं।
- डायरिया के दौरान उल्टी दस्त न रुकने पर तुरंत करीबी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल आएं।
भीषण गर्मी में डायरिया व अन्य मौसम जनित बीमारियां बढ़ी हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य टीमें गांवों मे ओआरएस पाउडर व जिंक की गोली वितरित कर रही हैं। सीएचसी पर दवाओं को ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा रखने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. आरएस केसरी, सीएमओ