कटरा बाजार (गोंडा)। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को मुहैया कराने की बात कटरा में बेमानी हैं। कटरा बाजार की 67 ग्राम पंचायतों की ढाई लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो पर्याप्त संसाधन हैं न ही चिकित्सकों की तैनाती। केवल एक ही चिकित्सक के भरोसे लोगों की सेहत के साथ ही स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन का जिम्मेदारी है। ऐसे में ब्लॉक में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो रहीं हैं। अस्पताल में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की मशीन न होने से लोगों को जांच की के लिए भटकना पड़ रहा है।
हर व्यक्ति निरोगी रहे। आकस्मिक से लेकर ओपीडी तक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए कटरा बाजार मुख्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। यहां दैनिक मरीजों कीजांच के लिए पैथोलॉजी, एक्सरे रूम, अल्ट्रासाउंड रूम सहित अन्य सुविधाएं तो दी गई हैं लेकिन मशीन नहीं है। लेकिन ये आम लोगों को नहीं मिल पाती हैं। सीएचसी में 30 बेड का वार्ड भी बना है लेकिन मरीज भर्ती नहीं होते हैं। इसका कारण डॉक्टर, कर्मचारियों की कमी व मरीजों को अटेंड करने वाला कोई नहीं है। कटरा बाजार से जनपद मुख्यालय 27 किलोमीटर दूर है और आम लोगों की पहुंच भी नहीं हो रही है। ऐसे में चिकित्सक की तैनाती किए जाने की मांग हो रही है।
सीएचसी में चिकित्सक के छह पदों के सापेक्ष सिर्फ एक की तैनाती है। उन्हीं के ऊपर लोगों की चिकित्सा के साथ ही संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। इसके अलावा सीएचसी में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की भी तैनाती नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर जागरूकता अभियान प्रभावित है। सीएचसी में बेसिक हेल्थ वर्कर के 11 पदों के सापेक्ष सिर्फ दो की तैनाती है। ऐसे में हर गांव तक टीकाकरण आदि कार्यक्रम का संचालन नहीं हो पा रहा है।
यहां छह पर्यवेक्षक के सापेक्ष सिर्फ एक की नियुक्ति की गई है। ऐसे में कार्यक्रमों की समीक्षा नहीं हो पा रही है। एआरओ और बीसीपीएम की तैनाती भी नहीं है। इस तरह सीएचसी कर्मियों की कमी से हांफ रहा है। स्थिति यह है कि हर दिन लोगों को स्वास्थ्य केंद्र से वापस लौटना पड़ता है। एक चिकित्सक होने से जिलों में मीटिंग आदि की व्यस्तता पर डाक्टर ही नहीं मिलते हैं। इनसेट चिकित्सक की कमी से लोग निजी चिकित्सक के भरोसे सीएचसी में चिकित्सकों की कमी से निजी चिकित्सकों के भरोसे लोगों को रहना पड़ रहा है। इससे उनको इलाज पर अधिक खर्च करना पड़ता है। आम लोग इससे काफी परेशान हैं।
अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति
पद तैनाती रिक्त
डॉक्टर 01 05
एचईओ 00 01
एआरओ 00 01
बीसीपीएम 00 01
बीएचडब्लू 02 09
सुपरवाइजर 01 05
फार्मासिस्ट 03 00
एक्सरे- ---
अल्ट्रासाउंड -----
झोलाछापा से इलाज कराने को मजबूर लोग
गांवों में झोलाछाप से ही लोग दवा कराने के लिए मजबूर हैं। कस्बे से लेकर गांवों तक सौ से अधिक निजी चिकित्सकों के साथ ही झोलाछाप चिकित्सा का काम कर रहे हैं। गांव के लोग मजबूरी में झोलाछाप से इलाज करा रहे है। इससे छोटी मोटी बीमारी और बढ़ रही है।
संसाधन न होने से मरीजों को महंगा पड़ रहा इलाज
सीएचसी में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन कटरा सीएचसी में इन दोनों संसाधनों की कमी है और इससे मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है। एक जांच में चार सौ से पांच सौ रुपये तक खर्च हो जाता है। इससे मरीजों को आए दिन इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
सीएचसी में चिकित्सकों के कमी की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। सीमित संसाधनों में बेहतर इलाज की सुविधा दी जाती है। -डॉ. वीके सिंह, अधीक्षक स्वास्थ्य केंद्र