गोंडा। एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय आम बजट को लेकर जिले की महिलाओं में खासा उत्साह है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के स्वयं महिला होने के कारण आधी आबादी को इस बार राहत भरे बजट की उम्मीद है। महिलाओं को रसोई के सामान पर जीएसटी में कटौती, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण, सस्ती रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी तथा महिला सुरक्षा के लिए ठोस प्रावधानों की आस है। बजट का काउंटडाउन शुरू होते ही जिले में इस पर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, सराफा के साथ अन्य सेक्टर के व्यापारियों को भी राहत की उम्मीद है। पेश है रिपोर्ट
घरेलू खर्च में कमी की आस
वित्तमंत्री को रसोई के बढ़ते खर्च का अंदाजा है। इसलिए उम्मीद है कि इस बजट में घरेलू उपयोग की वस्तुओं और रसोई गैस की कीमतों में कमी के लिए ठोस प्रावधान किए जाएंगे, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।
संध्या शुक्ला, गृहिणी
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान होने चाहिए। महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अलग से योजनाएं और बजट आवंटन जरूरी है। ताकि आधी आबादी न सिर्फ सुरक्षित हो बल्कि तरक्की भी करे।
विनीता पांडेय, शिक्षिका
रिफंड प्रक्रिया को बनाएं सरल
जीएसटी की दरों को तार्किक बनाएं। इससे उद्योगों को राहत मिलेगी और रोजगार बढ़ेंगे। रिफंड प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाए। उम्मीद है कि बजट में जीएसटी से जुड़े इन प्रस्तावित सुधारों को शामिल किया जाएगा। इससे व्यापारिक माहौल बेहतर होगा।
भूपेंद्र आर्य, व्यापारी नेता
सोने-चांदी से हटाएं जीएसटी
सोने-चांदी की कीमतों में उछाल से यह लोगों की पहुंच से दूर हो रही है। सोने-चांदी से जीएसटी हटाना चाहिए। कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस पहल करने की जरूरत है। व्यापारियों को भी आयुष्मान योजना, दुर्घटना बीमा योजना का लाभ देना चाहिए।
- शिवकुमार सोनी, व्यापारी नेता