गोंडा। थाना तरबगंज क्षेत्र के बेलसर गांव के बाबा नग्रसेन की रहने वाली दलित युवती खुशबू की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की होती तो आज मां-बेटी को अपनी जान न गंवानी पड़ती। मगर पुलिस ने आरोपी के माफी मांगने पर सुलह समझौता के फार्मूले को तरजीह दी। जिसका नतीजा रहा कि मां-बेटी को जान देनी पड़ी।
पुुजारी की बेटी खुशबू ने आरोपी सत्यम की रोज-रोज की हरकतों से तंग आकर एक साल पहले चौकी रगड़गंज में तहरीर दी थी। तहरीर मिलने के बाद जब चौकी प्रभारी ने आरोपी सत्यम को तलब किया तो उसने खुशबू के संग दोबारा ऐसी हरकत न करने का वादा करते हुए उसके परिजनों से माफी मांग ली थी।
पुलिस ने मुकदमे के आंकड़ों से बचने के लिए के दर्ज नहीं किया और खुशबू के परिजनों व आरोपी के सुलह समझौते को तरजीह दी। जिसके बाद आरोपी सत्यम का पुलिस कार्रवाई का डर नहीं रह गया। इससे सत्यम हरकतें बढ़ गई और सुधरने के बजाय वह खुशबू को और परेशान करने लगा। जिससे मां-बेटी को जान गंवानी पड़ी।
पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले के 18 थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। समस्त थानों के महिला हेल्प डेस्क में महिला दरोगा व महिला सिपाहियों की तैनाती की गई है।
इसके साथ ही जनपद में चार महिला पीआवी है, जो क्षेत्र में चौबीस घंटे भ्रमण पर रहती हैं। किसी भी महिला व युवती की एक कॉल पर दस मिनट में महिला पीआरवी कर्मी मौके पर पहुंचकर मदद करती हैं।
यूपी 112 भी सभी थाना क्षेत्रों में भ्रमण करती है। शहरी क्षेत्र में जनपद स्तरीय एंटी रोमियो टीम और ग्रामीण क्षेत्रों में थाना स्तर पर एंटी रोमियो टीम गठित है। जो क्षेत्र के स्कूल कॉलेज के पास स्कूल के समय में भ्रमण कर मनचलों के खिलाफ कार्यवाही करती है।