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तरबगंज में फिर हरी हो रही खाद्यान्न घोटाले की जमीन

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गोंडा। तरबगंज तहसील में एक बार फिर अनाज घोटाले की जमीन तैयार हो गई है। मामला लॉकडाउन के दौरान गरीबों को राशन वितरण का है। जब पूरा देश कोविड-19 दौर से गुजर रहा था तो वजीरगंज ब्लॉक के लगभग आधा दर्जन कोटेदारों ने पूर्ति और वितरण विभाग के अधिकारियों को साध कर गरीबों का राशन डकार रहे थे।
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वजीरगंज ब्लॉक के लगभग आधा दर्जन कोटेदारों ने पिछले मार्च से लेकर नवंबर तक प्रतिमाह मिलने वाले आवंटित चालान में हेराफेरी कर लगभग 2000 क्विंटल अनाज का वारा न्यारा कर दिया। अब मामले की सामाजिक कार्यकर्ता कोंडर निवासी कृष्ण दत्त सिंह ने की। शिकायत जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक को की है लेकिन प्रशासनिक अमला मामले को रफा-दफा करने में जुटा हुआ है।
बताते चलें कि तरबगंज तहसील के वजीरगंज ब्लॉक में 27 मई 2018 को एक निजी गोदाम में 8000 बोरी से अधिक अनाज पकड़ा गया था जिसमें कई लोग जेल भी भेजे गए। जेल जाने वालों में तत्कालीन तरबगंज वजीरगंज गोदाम प्रभारी भी शामिल रहे।
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लेकिन इन घोटालों से सबक न लेते हुए एक बार पुन: फर्जीवाड़ा कर हजारों क्विंटल अनाज का वजीरगंज गोदाम से ही वारा न्यारा कर दिया गया है ऐसा तब हुआ है जब प्रतिमाह गोदामों का सत्यापन उप जिला अधिकारी और तहसीलदार स्तर के अधिकारी करते हैं।
वहीं अनाज के वितरण की जिम्मेदारी पूर्ति निरीक्षकों पर भी है। सितंबर 2020 में खीरीडीह की कोटेदार उषा देवी को 89.90 क्विंटल अनाज का आवंटन जारी हुआ था लेकिन गोदाम से जारी चालान में हेराफेरी कर 142 .15 क्विंटल अनाज उठा लिया गया।
अक्टूबर माह में 98.95 क्विंटल अनाज के स्थान पर 128.80 क्विंटल अनाज का आवंटन करा लिया। इसके लिए बाकायदा यूनिट भी बदल दी गई। हजरतपुर के कोटेदार धर्म चंद्र ओझा के नाम पर सितंबर माह में 43.9 5 क्विंटल अनाज का आवंटन हुआ था लेकिन चालान में फर्जीवाड़ा कर 70.55 क्विंटल अनाज का गोदाम से उठान कर लिया गया।
अक्टूबर माह में यहां 45.55 क्विंटल अनाज का आवंटन हुआ था लेकिन चालान में फर्जीवाड़ा कर 71.30 क्विंटल अनाज का उठान किया गया है। वहीं पूरेडाढू के कोटेदार आत्मप्रकाश के नाम पर सितंबर माह में 101.95 क्विंटल अनाज का आवंटन हुआ था लेकिन चालान में हेराफेरी कर 133.60 क्विंटल अनाज उठा लिया गया।
इसी तरह अक्टूबर माह में 109.65 क्विंटल अनाज का आवंटन हुआ था लेकिन फर्जीवाड़ा कर 133.60 क्विंटल अनाज का उठान गोदाम से कर लिया गया। यह उदाहरण तो बानगी मात्र हैं ऐसे कई कोटेदारों के नाम पर वजीरगंज ब्लॉक में मार्च से लेकर नवंबर माह तक बड़े पैमाने पर चालान में हेराफेरी कर गरीबों के निवाले का गबन किया गया है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो इस अनाज को खपाने के लिए विपणन विभाग के कर्मियों ने भी अच्छी तरकीब निकाली है वह पोर्टिबिलिटी का अनाज इन कोटेदारों के नाम पर खारिज दिखा रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर अनाज घोटाले का जिन्न कइयों के गले की फांस बन सकता है।
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