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समृद्ध हिंदी के लिए सरकारी विभागों व स्कूलों ने बढ़ाए कदम

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समृगोंडा। हिंदी न सिर्फ मातृ भाषा है बल्कि अब राष्ट्रभाषा व वैश्विक भाषा के रूप में प्रतिस्थापित होने की ओर अग्रसर है। अमर उजाला के हिंदी हैं हम... अभियान से प्रभावित होकर सीडीओ ने विकास भवन के सभी दफ्तरों में हिंदी में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश जारी किया है। वहीं प्रदेश में इस बार हिंदी में करीब आठ लाख बच्चों के फेल होने से पढ़ने वाले बच्चों की हिंदी समृद्ध करने की भी पहल शुरू की गई है। सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा ने मंडल के दस हजार परिषदीय स्कूल के बच्चों में हिंदी के प्रति रुझान विकसित करने तथा आन लाइन प्रतियोगिताओं को कराने के लिए पहल शुरू की है।
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मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने बीते 10 दिनों तक विकास भवन के दफ्तरों का निरीक्षण कर हिंदी में रिपोर्ट जारी की है। विभागों के अन्य अफसरों को भी ऐसे ही अपने विभाग की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इसके अलावा हर दिन हिंदी में एक रिपोर्ट तैयार की जानी है। हिंदी विषय को छात्र गंभीरता से लें, बिना हिंदी के बारे में पूरी जानकारी के लिए आगे बढ़ पाना संभव नहीं है। स्कूलों में विशेष पहल होगी और सरकारी दफ्तरों में भी मुहिम शुरू किया गया है। अमर उजाला की हिंदी हैं हम... मुहिम प्रेरणादायक है।
यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में प्रदेश के 8 लाख छात्रों के हिंदी विषय में फेल होने के बाद हिंदी से हर व्यक्ति को जोड़ने के लिए लोगों में भाव बढ़े। अमर उजाला ने हिंदी हैं हम... अभियान से लोगों को प्रेरित किया। इसके बाद कई विभागों में हिंदी के विकास की पहल शुरू हो गई है। सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने कहा कि हिंदी को सशक्त बनाने के लिए मंडल के करीब 10 हजार स्कूलों में पहल की जा रही है। ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को हिंदी में सुलेख लेखन, निबंध लेखन आदि की पहल कराई जा रही है। व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर मंडल के दो हजार से अधिक शिक्षकों को इस मुहिम से जोड़ा गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि जिले के 500 माध्यमिक स्कूलों में हिंदी को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए बच्चों को जोड़ने के लिए निर्देश दिए गए हैं। हिंदी विषय को गंभीरता से बच्चों को लेने के लिए प्रेरित करने की मुहिम की जा रही है। अभी ऑनलाइन कार्य हो रहा है और समीक्षा की जा रही है।
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युवाओं में बढ़ रहा हिंदी के प्रति आकर्षण
जिले के श्रृंगार रस के युवा कवि शिवम मिश्र जिन्हें छात्र जीवन से ही कविताओं का शौक है, कुमार विश्वास को अपना आदर्श मानते हुए शिवम ने श्रृंगार रस में कई रचनाएं लिखीं। देश के कई बड़े कवियों के साथ मंच भी साझा किया है। युवा कवि शिवम ने बताया कि युवाओं में हिंदी के प्रति रुझान बढ़ने लगा है। अमर उजाला के अभियान ने लोगों को मंच पर लाने का काम किया है। ओज, श्रृंगार सहित अन्य विधा के कवियों को अमर उजाला ने जगह दी है। मंच दिया है। अवधी पंच जैसे कालम ने युवाओं को बहुत ही प्रेरित किया है।
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