फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: विशेष टीकाकरण के आंकाड़ों में बाजीगरी शुरू

विज्ञापन
गोंडा के सीएमओ कार्यालय पर डेटा फीडिंग की समीक्षा करते एआरओ अरुण कुमार श्रीवास्तव। -संवाद - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। खसरा(रुबेला) व पोलियो से जंग के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू होने से पहले ही आंकड़ों की बाजीगरी शुरू कर दी गई है। तय समय बाद भी पांच लाख 71 हजार बच्चों का डेटा ई-कवच एप पर नहीं फीड हो सका, वहीं स्वास्थ्य टीमों ने 1.54 बच्चों का सर्वे तक नहीं किया। ऐसे में जनवरी से चलने वाले अभियान तो फुस्स हो जाएगा।
विज्ञापन

प्लान ये है कि ई-कवच पर फीडिंग न होने पर मैनुअल रिपोर्ट देंगे और बिना टीके के ही संतृप्त दिखा देंगे। पांच साल के बच्चों का नियमित टीकाकरण कर वर्ष 2023 में खसरा (रुबेला) व पोलियो जैसी बीमारियों को खत्म करने की स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अधूरी साबित हो रही है।
छह दिसंबर से 15 दिसंबर तक अभियान चलाकर 5,98,032 बच्चों का सर्वे करवाकर उनका डेटा ई-कवच एप पर फीड करना था, लेकिन आशा, आशा संगिनी, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित छह हजार स्वास्थ्यकर्मियों की फौज मिलकर भी 5,71,126 बच्चों का डेटा ई-कवच एप पर नहीं फीड कर सकी, वहीं 1,54,178 बच्चों का सर्वे ही नहीं हो सका।
विज्ञापन

लक्ष्य पूरा करने के लिए फर्जी रिर्पोटिंग
नियमित टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी फर्जी रिर्पोटिंग का खेल करते आ रहे हैं। फर्जीवाड़े की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ई-कवच एप जारी कर उस पर टीकाकरण संबधी डेटा फीड करने की अनिवार्यता कर दी। लेकिन स्वास्थ्यकर्मी आनलाइन फीडिंग से किनारा करते नजर आ रहे हैं।
फैक्ट फाइल
टीकाकरण सर्वे का लक्ष्य-598032
सर्वे हुआ- 4,43,874
ई-कवच एप पर फीडिंग-26906
नियमित टीकाकरण अभियान चलने से पहले शून्य से पांच साल के बच्चों का सर्वे करवाकर ई-कवच एप डेटा फीड करने का सख्त निर्देश दिया गया है। सर्वे व फीडिंग कार्य पूरा न होने के कारण 17 दिसंबर तक समय बढ़ा दिया गया और सर्वे में लापरवाही वाली सीएचसी अधीक्षकों से जबाव तलब किया गया। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें