अवैध खनन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। तहसील तरबगंज क्षेत्र के नवाबगंज माझाराठ में स्वीकृत शर्तों का उल्लंघन कर अवैध खनन के मामले में मेसर्स सीगल इंडिया के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी को विशेष सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर उपजिलाधिकारी तरबगंज, हल्का लेखपाल संतोष श्रीवास्तव और थानाध्यक्ष नवाबगंज की संयुक्त कार्रवाई में यह खुलासा हुआ।
जांच में पाया गया कि मेसर्स सीगल इंडिया को ग्राम दुर्गागंज में कुल 2.533 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 29,636 घन मीटर साधारण मिट्टी के खनन की अनुमति अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण के लिए 13 दिसंबर 2025 से 12 मार्च 2026 तक दी गई थी लेकिन मौके पर की गई जांच में यह सामने आया कि फर्म द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से मिट्टी खनन करने के बजाय नदी तल से बालू का अवैध खनन किया जा रहा था।
पैमाइश के दौरान करीब 20,460 घन मीटर बालू का अवैध खनन पाया गया। निकाली गई बालू का प्रयोग निर्माणाधीन अयोध्या बाईपास रिंग रोड में किया जा रहा था। मामले में फर्म के अधिकृत प्रतिनिधि विकासमणि त्रिपाठी निवासी प्रयागराज के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। खान अधिकारी गोंडा डॉ. अभय रंजन ने बताया कि मेसर्स सीगल इंडिया की चार अन्य खनन अनुमतियों को भी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।