गोंडा। यूपी कोऑपरेटिव बैंक शाखा में 2021 में सामने आए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले में बुधवार को कार्रवाई हुई। बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल, अजय कुमार, सुशील कुमार गौतम व तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार को निलंबित कर दिया है।
पूरे मामले की विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। घोटाले की जद में आए 205 खाताधारकों के खातों की जांच की जा रही है।
बैंक में सामने आया घोटाला सिर्फ एक वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि वर्षों से चल रहे एक संगठित सिंडिकेट का नतीजा है। स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट के बाद दर्ज एफआईआर ने बैंकिंग सिस्टम की उन कमजोर कड़ियों को उजागर कर दिया है, जिनके सहारे शाखा स्तर पर बिना किसी डर के कई वर्षों तक खेल चलता रहा।
दिसंबर 2021 से ही गोंडा शाखा में ऋण वितरण को कमाई का जरिया बना लिया गया था।
नियमों के मुताबिक जहां ऋण से पहले पात्रता, आय प्रमाणपत्र, जमानत और फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होता है, वहीं पर यहां अधिकांश मामलों में फाइलें सिर्फ कागजों पर तैयार की गईं। ऑडिट में सामने आया कि कई ऋण फर्जी दस्तावेजों पर स्वीकृत किए गए। रकम सीधे ऐसे खातों में ट्रांसफर हुई, जिनका वास्तविक कारोबार या आय से कोई मेल नहीं था।