मिशन शक्ति अभियान के तहत गोंडा पुलिस स्कूलों व कॉलेजों में पढ़ने वाली बेटियों का सुरक्षा व्यवस्था पर विचार जान रही है। पूछ रही है कि वह कौन से स्थल हैं और कौन सा समय है, जब सुरक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है। बेटियों के बताए अब तक ऐसे 330 स्थलों पर एंटी रोमियो के साथ ही कोबरा टीम को तैनात भी किया है।
पुलिस दोबारा उन स्कूलों में पहुंच रही है, जहां की बेटियों ने फीडबैक फार्म पर जानकारी दी थी। उनसे पूछ रही है कि चिह्नित स्थलों पर एंटी रोमियो टीम की सक्रियता के बाद क्या हालात हैं। क्या वहां नियमित गश्त की जा रही है।
सुरक्षा के प्रति सजग करने के लिए 29 मार्च से गोंडा पुलिस ने बेटियों से सीधा संवाद शुरू किया है। एसपी विनीत जायसवाल ने मार्च महीने में खुद सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय से इसका शुभारंभ किया। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों को कॉलेजों, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा गया। बेटियों को जागरूक करने के साथ ही उनसे फीडबैक फार्म भी भरवाए गए। अब तक पुलिस ने 270 शिक्षण संस्थानों की 12 हजार बेटियों से संवाद किया है। उनके बताए स्थलों की थानावार मैपिंग भी की जा रही है।
चिह्नित किए 160 शोहदे
पुलिस ने चिह्नित स्थलों पर चौकसी बढ़ाई तो 160 शोहदे हत्थे चढ़े। सभी को रेड कार्ड नोटिस जारी किया गया। चेताया गया कि अगर दोबारा इस तरह की गतिविधियों में मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। अब तक ऐसे चार मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी क्रम में थानावार विवरण एकत्र कर शोहदों की फोटो भी जुटाई जा रही है।
बेटियों को सशक्त बनाने का प्रयास
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि फीडबैक में बेटियों ने जिन स्थलों की जानकारी दी है, वहां एंटी रोमियो टीम के साथ ही थाने की कोबरा टीम को तैनात किया गया है। राजपत्रित अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। हमारी कोशिश बेटियों को सशक्त बनाने की है।
एलबीएस पीजी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. रेखा शर्मा बताती हैं कि पुलिस का प्रयास बेहतर है। इससे बेटियां अपनी बात पुलिस को बता रही हैं। पुलिस कार्रवाई भी कर रही है।
कामकाजी महिला शशि मिश्रा का कहना है कि इससे दो फायदे हैं, एक तो बेटियों को सुरक्षा मिलेगी और दूसरा शोहदों की पहचान कर उन पर कार्रवाई होगी।