विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल होने की सूचना मिलते ही तरबगंज के घनश्याम जायसवाल ने यहां सीआरओ को शपथ पत्र देकर अपनी किडनी दान देने का एलान किया था। घनश्याम जायसवाल ने इस बाबत अपना मेडिकल चेकअप कराया और बिना बुलावे के ही किडनी दान देने के लिए मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
रवाना होते वक्त घनश्याम के पिता रघुनंदन प्रसाद, माता राजपती, पत्नी सरिता व बच्चों, भाई व कस्बे के लोगों ने घनश्याम को माला पहनाकर विदा किया। मां राजपती ने कहा कि सुषमा जी उनकी उम्र की हैं, इसलिए चाहें तो वे अपनी किडनी दान कर सकती हैं।
37 वर्षीय घनश्याम ने अपनी जांच तरबगंज के एक निजी पैथालॉजी से कराई थी। जिसमें घनश्याम का ब्लड ग्रुप ओ पाजिटिव है और वह स्वस्थ हैं। घनश्याम से जब पूछा गया कि वह बिना बुलाए कैसे जा रहे हैं तो उन्होंने बताया कि वह पत्र के माध्यम से घोषित कर चुके हैं और अपने कहे मुताबिक वह दिल्ली के एम्स में जाएंगे।
यदि उनकी किडनी दान में लेने की कोई और प्रक्रिया होगी तो उससे भी वह गुजरेंगे। जहां तक सहमति की बात है तो पूरा परिवार सहमत है और खुश भी। यदि लिखापढ़ी में सहमति देनी पड़ेगी तो उनका परिवार दिल्ली पहुंच जाएगा। उधर, सीआरओ अरुण शुक्ल ने कहा कि युवक के इस जज्बे को सलाम है।