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रिहायशी इलाकों में घाघरा ने बरपाया बाढ़ का कहर

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गोंडा के माझा रायपुर में बाढ़ में कुछ इस तरह चल रही जिंदगानी। - फोटो : GONDA
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गोंडा। करनैलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र में बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। घाघरा अपने उफान पर पहुंच चुकी है और तेजी से कटान कर रही है। इससे उमरी बेगमगंज के तीन गांवों के तकरीबन 200 मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करनैलगंज के नकहरा सहित अन्य गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इससे गांव छोड़कर ग्रामीण ने बांध व सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर दिया है।
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घाघरा ने खतरे का निशान पार कर 39 सेंटीमीटर की बढ़त बना ली है। कुछ दिनों से शांत चल रही घाघरा एक बार फिर से उफान पर है। जिससे तटवर्ती गांवों पर खतरा बढ़ चुका है। रविवार को घोड़हन पुरवा के पास बांध का एक मीटर हिस्सा घाघरा में समाने से उमरी बेगमगंज के ऐली परसौली, सोनौली मोहम्मदपुर व गढ़ी गांव के तकरीबन 200 मजरे प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने का सिलसिला ऐसे ही बढ़ता रहा तो इन गांवों की 30 हजार आबादी भी बाढ़ से प्रभावित होगी। इनमें बाढ़ का पानी तेजी के साथ बढ़ रहा है। ग्रामीण आने वाले खतरे को लेकर सहमे हुए हैँ। वहीं करनैलगंज के अब तक नकहरा, काशीपुर व सीमा पर बसे मांझारायपुर, नैपुरा, परसावल व वेहटा गांव प्रभावित है।
इन सभी गांवों के मजरों में बाढ़ का पानी भर चुका है। यहां के लोग अपना जरूरी सामान लेकर बांध व सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर दिया है। अभी तक सरकारी मदद के नाम पर नकहरा गांव में 7 नावें लगाई गई है, जबकि माझा रायपुर में बाराबंकी प्रशासन की ओर से राहत किट भी बांटी गई है। सोमवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी रही। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है। यहां के अधिकतर इलाके भले ही इस बार काफी कम बारिश से जूझ रहे हों मगर घाघरा उफान पर आ गई हैं। हर साल की तरह गोंडा व बाराबंकी जिले में घाघरा नदी में कटान ब़ढ़ रही है और तटवर्ती गांव पर खतरा मंडराने लगा है।
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स्थिति ये है कि अब तक दर्जनों मजरे पूरी तरह से जलमग्न हो चुके है। कई गांवों के मजरों में सड़क के किनारे तक पानी पहुंच गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बढ़ने लगी है। वहीं प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है मगर बाढ़ जैसी कोई भी स्थिति फिलहाल अभी नहीं है। बाढ़ कार्यखंड के अवर अभियंता अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि भिखारीपुर सकरौर बांध सुरक्षित है और बचाव कार्य चल रहा है।
किसानों को सताने लगी फसल की चिंता
करनैलगंज। घाघरा नदी का पानी अब आस-पास के गांवों में घुसना शुरू हो गया है। जिससे गोंडा व सरहदी गांवो के सैकड़ों मजरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का पानी बढ़ने से किसानों को अपनी फसलें बर्बाद होने का डर सताने लगा है। नदी के जलस्तर में इस कदर बढ़ोतरी हो रही है, जिसे देखकर साफ कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और विकराल होने वाली है। उधर ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार की तरह इस बार भी सरकार ने उनके लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
लाल निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जल स्तर
करनैलगंज। केंद्रीय जल आयोग संस्थान एल्गिन ब्रिज घाट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार घाघरा का जल स्तर लाल निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर तक पहुंच चुका है। तो वहीं नदी का कुल डिस्चार्ज पौने दो लाख क्यूसेक के करीब है। जिससे आने वाले दिनों में भी परेशानियों के बढ़ने के संकेत मिल रहे है।
घाघरा में बह गई भैंस
करनैलगंज। मांझा रायपुर निवासी मतई यादव की भैस रविवार को घाघरा में आये उफान की भेंट चढ़ गयी। बताया जाता है कि जिस समय सारे मवेशी पानी पीने के लिए बांध के किनारे नदी में गये हुए थे। इतने में एक भैंस ने अपना संतुलन खो दिया और गहरे पानी में चले जाने से बह गई।
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