घाघरा के बढ़ते जलस्तर के चलते करनैलगंज तहसील के चयपुरवा गांव का आस्तित्व खतरे में पड़ गया है। बाढ़ के पानी से चरपुरवा गांव पूरी तरह से घिर गया है इसके साथ ही पांच नए गांव रुदौली, रामदासपुरवा, मेहीलालपुरवा, धनपतपुुरवा व टेंढीपुरवा में भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
एल्गिन-चरसड़ी बांध के कट-वन पर घाघरा नदी 4 सौ मीटर के आस पास बांध से सटकर बहने लगी है जिससे बांध के कटने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जिला प्रशासन के अफसर बांध को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
घाघरा की बाढ़ की चपेट में नये-नये मजरों के प्रभावित होने का सिलसिला जारी है। शनिवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर पहुंच गया है। कट वन से पश्चृिम तरफ ग्राम बेहटा के मजरा चरपुरवा के आस पास नदी डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूरी में कटान करने लगी है।
जिससे कृषि योग्य भूमि तो नदी में समा ही रही है साथ ही चरपुरवा गांव का आस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। कट-टू से उत्तर दिशा में नदी कटान कर रही है। जिससे रिंग बांध पर कटान का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को पांच नए गांव बाढ़ के पानी से घिर गए।
रुदौली, रामदासपुरवा, मेहीलालपुरवा, धनपतपुुरवा व टेंढीपुरवा में बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पानी का क्षेत्र में फैलाव लगातार जारी है। जिला प्रशासन के अफसर बांध को बचाने के लिए शनिवार को दिनभर कोशिश में लगे रहे। बल्ली व बांध के बीच में बच रही जगह में झाड़ झंखार डालकर उसके ऊपर ब्रिकरोरा भरी बोरियां डालने का कार्य शुरु किया गया है। अवर अभियंता एन के सिंह ने बताया बल्ली पाइलिंग का कार्य तेजी के साथ करवाया जा रहा है।