गोंडा। पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने रेल पटरी छिटकने से नौ ट्रैकमैन के घायल होने के मामले में डिवीजन व मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को तलब किया है। जीएम की सख्ती से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। उधर, गोंडा उपमंडलीय रेलवे अस्पताल में भर्ती पांच घायल ट्रैकमैन को भी बेहतर इलाज के लिए शनिवार को लखनऊ भेज दिया गया।
चार अप्रैल को लखपतनगर-मसकनवा रेलवे स्टेशन के मध्य 618 किलोमीटर पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत के दौरान पटरी छिटकने से नौ ट्रैकमैन घायल हो गए थे। इससे पूर्व छह नवंबर 2023 को इसी तरह की घटना मोतीगंज में हुई थी। जिससे कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। रेलवे की कई यूनियन के नेताओं ने महाप्रबंधक से लेकर मुख्य इंजीनियर तक से मामले की जांच की मांग की है।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय संगठन मंत्री राम नगीना ने कहा कि अगर प्रशासन जांच कराकर दोषी अधिकारियों को दंडित नहीं करेगा तो यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने महाप्रबंधक से जल्द जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के अंतर्गत गोंडा में ही घटित हुई हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के डीआरएम आदित्य कुमार ने घटना को गंभीर बताते हुए जांच का आदेश दिया था। इसके बावजूद अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है।
वहीं, रेलवे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके मिश्र ने बताया कि घायल ट्रैकमैन अशोक कुमार, दिनेश कुमार यादव, हीरालाल यादव, सत्यम मिश्र व अमित कुमार को लखनऊ के बादशाहनगर स्थित रेलवे हॉस्पिटल भेजा गया है। जहां उन्हें बेहतर इलाज मिल सकेगा। इससे पूर्व घटना वाले दिन ही हालत गंभीर होने के कारण ट्रैकमैन महेंद्र कुमार, अंकित पटेल, छेदीलाल व केशुम हुसैन को लखनऊ रेफर कर दिया गया था।