गोंडा। आयुक्त सभागार में शुक्रवार को सड़कों को छोड़कर 50 लाख एवं उससे अधिक लागत के अन्य निर्माण कार्यों की मंडलीय समीक्षा आयुक्त ने की। मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है कि वे निर्माण कार्यों में तेजी लाकर शेष निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र पूर्ण कराएं। जिन परियोजनाओं में धन अवमुक्त होना है उसमें धनराशि अवमुक्त कराने की कार्रवाई भी शीघ्र की जाए।
समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था यूपी सीएलडीएफ द्वारा कुछ परियोजनाओं के संबंध में जानकारी छिपाने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि जिन संस्थाओं द्वारा कार्य छुपाया जाएगा, उनके खिलाफ गैंगेस्टर लगाया जाएगा।
बलरामपुर में तुलसीपुर क्षेत्र के अंतर्गत भंगहा व रेहरा पाइप पेयजल योजना में धन प्राप्त हो जाने के बाद भी धनराशि न व्यय करने पर भी कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं।
बलरामपुर के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, उतरौला में धन जमा करने के बाद भी विद्युतीकरण न होने तथा मंडल के कुल 43 नलकूपों में विद्युत कार्य शेष होने पर एक सप्ताह के भीतर विद्युतीकरण कार्य कराने की हिदायत दी। अल्पसंख्यक विभाग से संबंधित एमएसडीएफ योजना के अंतर्गत सीएनडीएस द्वारा कराए गए कार्यों की मंडलीय टाक्स फोर्स से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
50 लाख से अधिक लागत के कुल 435 परियोजनाओं में से 90 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। 239 परियोजनाओं में 70 प्रतिशत से अधिक की भौतिक प्रगति हुई है। मंडल की 24 परियोजनाएं संबंधित विभागों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। छ: परियोजनाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।
8 परियोजनाओं पर 70 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हुई है। आयुक्त ने कार्यदाई संस्था सीएलडीएफ द्वारा जनपद बहराइच में चित्तौरा, कैसरगंज, हुजूरपुर तथा बलहा विकासखंड की कुल 9 पेयजल योजनाओं की प्रगति की सूचना न दिए जाने तथा योजनाओं को छिपाने के लिए कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।