गोंडा। कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए चलाए जा रहे अभियान के दूसरे चरण में शुक्रवार को जिले के चयनित नौ अस्पतालों में टीकाकरण के लिए 23 सत्र आयोजित किए गए। जिसमें 2859 फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगवाने के लिए चयनित किया गया था।
जिला अस्पताल स्थित कोविड अस्पताल में मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी समेत कई अधिकारी व पुलिसकर्मियों ने कोरोनारोधी टीका लगवाया। वहीं शुक्रवार को टीकाकरण सत्र में मुख्य रुप से पुलिस के अधिकारी व कर्मचारियों उत्साह के साथ टीका लगवाया।
जिला अस्पताल में टीका लगवाने पहुंचे सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने टीकाकरण के लिए आये पुलिसकर्मियों की प्रशंसा करते हुए उनके कोरोना काल मे किए गए कठिन परिश्रम की सराहना किया।
सीडीओ ने वेटिंग एरिया में बैठे पुलिसकर्मियों से बातचीत किया तथा निगरानी कक्ष में बैठे पुलिस कर्मचारियों से टीका लगवाने के बाद का अनुभव जाना। टीकाकरण के बाद सीडीओ ने बताया कि कोरोनारोधी टीका आम इंजेक्शन से भी कम दर्द करता है तथा इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। कोविशील्ड व कोवैक्सीन दोनों प्रकार के टीके पूर्ण सुरक्षित हैं।
कोरोना टीकाकरण अभियान के शुभारंभ में 16 जनवरी को जिन स्वास्थ्यकर्मियों को कोविशील्ड वैक्सीन का टीका लगा था उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज 15 फरवरी को दी जाएगी। साथ पहले चरण में टीकाकरण से वंचित स्वास्थ्य कर्मियों को भी 15 फरवरी को टीका लगाया जाएगा।
टीकाकरण अभियान के शुभारंभ में जिले 413 स्वास्थ्यकर्मियों को कोविशील्ड वैक्सीन का टीका लगाया गया था। जिसकी दूसरी डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग रुपरेखा बना रहा है। जिन लाभार्थियों को पहला टीका कोविशील्ड वैक्सीन का लगा है उन्हें दूसरी डोज भी कोविशील्ड का ही दिया जाएगा।