परसपुर (गोंडा)। नगर पंचायत परसपुर से जुड़े बहुचर्चित भूमि विवाद मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए भूमि के अवैध विक्रय और कब्जे की पुष्टि के बाद जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने संबंधित दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
अनिल कुमार, मुस्तफा और इब्राहीम नामक शिकायतकर्ताओं ने डीएम से मिलकर आरोप लगाया था कि उनकी भूमि को विपक्षियों ने कूटरचित इकरारनामे के माध्यम से फर्जी तरीके से बेच दिया है। शिकायत में यह भी आरोप था कि विद्यालय, कब्रिस्तान और पुरानी आबादी से जुड़ी जमीनों पर सुनियोजित तरीके से कब्जा करने की कोशिश की गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई भूखंडों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध बिक्री की गई और कुछ पर कब्जा भी कर लिया गया। जिलाधिकारी ने इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए संबंधित थाने को तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सात आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
पसका (गोंडा)। गजराज पुरवा निवासी विक्रम सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी विभिन्न गाटा संख्या की भूमि को कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बैनामा कर दिया। मामले में एसएचओ तेज प्रताप सिंह ने बताया कि सात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।