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खंभे से टकराई कार, दो भाइयों समेत चार की मौत

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22जीडीएपी14-शाहजहांपुर मेें गोंडा के श्रद्धालुओं की दुर्घटनाग्रस्त कार - फोटो : GONDA
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बालपुर (गोंडा)। उत्तराखंड स्थित बाबा केदारनाथ के दर्शन करने जा रहे जिले के बालपुर के सोनहरा गांव के दो सगे भाइयों समेत चार युवकों की शनिवार की भोर में शाहजहांपुर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। श्रद्धालुओं की कार शाहजहांपुर में नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह टोल टैक्स बैरियर के पास लग्जरी कार अनियंत्रित होकर खंभे से टकराने के बाद खाई में पलट गई। कार में सवार गोंडा निवासी दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। हादसे में एक युवक भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। उसे शाहजहांपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया है। युवकों के मौत की सूचना उनके गांव पहुंची तो यहां कोहराम मच गया।
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कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के बालपुर कस्बे के समीप स्थित सोनहरा गांव के रहने वाले नीरज तिवारी, दुर्गेश मिश्रा, चंदन मिश्रा, पाल तिवारी व श्रीप्रकाश तिवारी शुक्रवार को अपनी निजी कार से उत्तराखंड स्थित हरिद्वार, नीलकंठ, केदारनाथ यात्रा के लिए यहां से रवाना हुए थे। कार को नीरज तिवारी चला रहा था। शनिवार की भोर में वह शाहजहांपुर के बरेली मोड़ पर पहुंचे ही थे तभी नीरज कार अनियंत्रित होकर खंभे से टकराने के बाद गहरी खाई में जा गिरी।
कार में सवार दुर्गेश मिश्रा (30) उसका भाई उमेश मिश्रा उर्फ चंदन (25) समेत नीरज तिवारी (22) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पाल तिवारी (14) व श्रीप्रकाश तिवारी (20) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की सहायता से कार को खाई से निकाला और गंभीर रूप से घायल पाल तिवारी व श्रीप्रकाश तिवारी को जिला अस्पताल पहुंचाया। विकास तिवारी उर्फ पाल की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। श्रीप्रकाश तिवारी की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे शाहजहांपुर जिला अस्पताल से हायर सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। सूचना पर आए परिवारीजन को शव पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिए गए। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है।
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आंसुओं के सैलाब से भीग गया मां का आंचल, गांव में कोहराम
बालपुर (गोंडा)। बालपुर बाजार से शुक्रवार को पांच युवकों ने अपने दोस्त के कार से केदार नाथ, बद्री नाथ के यात्रा पर निकले थे। परिवार के लोगों को नहीं पता था कि अब ये लोग लौट कर नहीं आएंगे।
बताते चलें कि बालपुर बाजार में दुर्गेश मिश्र अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। दुर्गेश बालपुर हजारी के कोटेदार होने के साथ कोल्ड ड्रिंक की एजेंसी भी चलाता था। दोस्तों के साथ केदारनाथ जाने की तैयारी शुक्रवार को बना रहा था तभी छोटा भाई उमेश मिश्र उर्फ चंदन भी साथ चलने की जिद करने लगा। काफी समझाने पर जब चंदन नहीं माना तो उसे भी तैयार होने को कह दिया। होनी को कौन टाल सकता है, शायद भगवान को यही मंजूर था। दुर्गेश व चंदन के दोनों के एक-एक बेटी है। दुर्गेश कि बेटी प्रियांशी आठवीं में पढ़ती है, जबकि चंदन की बेटी अभी 6 साल की है।
परिवार वालों को रोता देख वह भी पापा-पापा कहकर चीख रही है। दो-दो बेटों की मौत से मां की आंखों के आंसू नहीं थम रहे हैं। दोनों की पत्नियों का रो-रो कर हाल बेहाल है। पड़ोस के रिटायर्ड दरोगा सुधीर तिवारी अपनी पत्नी के साथ मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए शुक्रवार की सुबह गये थे बेटे नीरज को घर की रखवाली के लिए छोड़ गये थे, लेकिन दोस्तों के साथ नीरज भी केदार नाथ जाने के लिए तैयार हो गया। नीरज के पिता ने फोन पर उसे जाने से मना भी किया था। मगर वह नहीं माना। नीरज अपने भाइयों में सबसे छोटा था।
एक भाई पुलिस विभाग में सिपाही है व एक भाई दिल्ली की एक कंपनी में काम करता है। वहीं कटरा मोड़ पर होटल की दुकान कर रहे जय प्रकाश तिवारी के छोटे भाई श्रीप्रकाश तिवारी के साथ जय प्रकाश का बेटा विकास तिवारी उर्फ पाल भी जिद करके चाचा के साथ यात्रा पर चला गया था। बच्चे के जिद के आगे पिता भी मना नहीं कर सके। पिता को नहीं पता था कि बेटा लौटकर नहीं आयेगा।
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