गोंडा। नगर पालिका परिषद टैक्स वसूली में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कोरोना काल में बिगड़ी नगर पालिका की आर्थिक सेहत मेें सुधार होने की उम्मीद कम नजर आ रही है। 22 सरकारी विभागों पर नगर पालिका का चार करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया है। मगर नगर पालिका सरकारी विभागों से टैक्स की वसूली नहीं कर पा रहा है।
कोरोना काल में पिछले दो साल से नगर पालिका आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। नगर पालिका परिषद में जहां विकास का पहिया थम गया। वहीं कर्मचारियों के वेतन मद में राज्य वित्त आयोग पिछले कई माह से कटौती करता आ रहा है। कर्मचारियों को अन्य मदों से वेतन व मानदेय का भुगतान किया जा रहा है।
नए विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। नगर पालिका की आय संपति कर के साथ टैक्सी व टैम्पो स्टैंड के ठेके से होती थी। मगर दो साल से टैक्सी स्टैंड के ठेके लिए नगर पालिका को ठेकेदार तक खोजे नहीं मिल रहे हैं।
यहीं हाल टैंपो स्टैंड का है। इसका ठेका तो हुआ, वह भी सिर्फ छह माह के लिए। कारोना काल से पहले टैंपो स्टैंड का ठेका 60 लाख रुपये में उठता था। मगर इस बार सिर्फ 20 लाख में सिमट गया।
इससे भी नगर पालिका कोई खास आय की उम्मीद नहीं दिख रही है। 22 सरकारी विभागों पर नगर पालिका का संपति कर चार करोड़ से अधिक रुपये का बकाया है। पालिका प्रशासन ने बकाएदार सरकारी विभागों को बकाया भुगतान के लिए नोटिस भेजी है। पालिका प्रशासन की कोशिशों के बाद भी सरकारी विभाग संपति कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
नगर पालिका का चार करोड़ रुपये बकाया वाले सरकारी विभागों को नपाप प्रशासन ने नोटिस तो भेज दी। मगर एक माह में बकाया भुगतान न होने पर नपाप प्रशासन तहसील के माध्यम से बकाया सरकारी विभागों के लिए आरसी काटने की तैयारी में है। मगर बकाया भुगतान सरकारी विभाग नहीं करेंगे तो उन्हें आरसी जारी की जाएगी।